117 साल से चली आ रही परंपरा, 2018 के बाद ऐसा क्या बदला कि आज 1 करोड़ के मुकुट में विराजे बप्पा?

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स्वतंत्र बोल
रायपुर 23 सितंबर 2026:
गोलबाजार गणेशोत्सव इस बार भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। श्री बजरंग नवयुवक मित्र मंडल गणेशोत्सव समिति की ओर से भगवान गणपति का स्वर्ण श्रृंगार किया गया है। गणपति को 750 ग्राम सोने और रत्नों से जड़ा मुकुट पहनाया गया है। समिति के मुताबिक, इस मुकुट की मौजूदा बाजार कीमत 1 करोड़ रुपए से ज्यादा है। इसके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और सुबह करीब 4 बजे तक दर्शन का सिलसिला जारी रहता है।

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2018 से गणपति को पहनाया जा रहा स्वर्ण मुकुट

समिति के मुताबिक, गणपति को स्वर्ण मुकुट पहनाने की परंपरा साल 2018 से चली आ रही है। हर साल बड़ी संख्या में नेता और जनप्रतिनिधि भी गोलबाजार पहुंचकर गणपति के दर्शन करते हैं। भाजपा प्रदेश महामंत्री संगठन पवन कुमार साय ने भी गोलबाजार पहुंचकर भगवान गणेश को स्वर्ण मुकुट धारण कराया। उन्होंने आरती-पूजन किया।

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117 साल पुराना है गोलबाजार का गणेशोत्सव

गोलबाजार रायपुर के पुराने गणेशोत्सव स्थलों में शामिल है। समिति के अनुसार, इस साल यहां गणपति स्थापना के 117 साल पूरे हो रहे हैं। इस परंपरा से शहर के व्यापारी परिवारों की चौथी पीढ़ी जुड़ी हुई है। समिति से जुड़े भाजपा नेता केदार गुप्ता पिछले 37 साल से गणेशोत्सव की सेवा में लगे हैं। केदार गुप्ता के मुताबिक, पहले गोलबाजार में गणेशोत्सव के दौरान गुफाएं बनाई जाती थीं। अब जगह कम होने के कारण गुफाओं की जगह झांकी तैयार की जाती है।

गणपति के साथ बालाजी, लक्ष्मी और पद्मावती के दर्शन

गोलबाजार के पंडाल में भगवान गणपति के साथ भगवान बालाजी, माता लक्ष्मी और मां पद्मावती की मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं। सुबह से लेकर देर रात तक पंडाल में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। गणपति दर्शन के साथ यहां होने वाले भजन भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। भजन के दौरान श्रद्धालु झूमते और डांस करते नजर आते हैं। देर रात के बाद भी भीड़ कम नहीं होती। सुबह करीब 4 बजे तक दर्शन का सिलसिला चलता है।

750 ग्राम सोने और रत्नों से तैयार है मुकुट

केदार गुप्ता ने बताया कि समिति के प्रति लोगों की आस्था काफी पुरानी है। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि यहां गणपति बप्पा से मांगी गई मुराद पूरी होती है। उन्होंने बताया कि गणपति का मुकुट 750 ग्राम सोने और रत्नों से तैयार किया गया है। इसकी मौजूदा बाजार कीमत 1 करोड़ रुपए से ज्यादा है। इसी मुकुट से गणपति का स्वर्ण श्रृंगार किया गया है।

रिद्धि-सिद्धि के लिए भी स्वर्ण मुकुट बनाने की इच्छा

समिति की ओर से भविष्य में रिद्धि-सिद्धि जी के लिए भी स्वर्ण मुकुट तैयार कराने की इच्छा जताई गई है। समिति के अनुसार, अगर किसी श्रद्धालु की मनोकामना पूरी होती है और उनका सहयोग मिलता है तो रिद्धि-सिद्धि जी के लिए भी स्वर्ण मुकुट तैयार कराया जाएगा। समिति के लोग इसको लेकर चर्चा भी कर रहे हैं। पिछले साल एक श्रद्धालु की मनोकामना पूरी होने के बाद उन्होंने 2 किलो चांदी अर्पित की थी।