WhatsApp कॉल, फर्जी पत्र और गिरफ्तारी का डर… फिर 7 लाख की ठगी

Woman experiencing digital arres…

स्वतंत्र बोल
रायपुर 14 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगों ने NIA अधिकारी बनकर 62 साल की महिला से 7 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने महिला को पांच दिन तक डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया। उन्होंने आधार कार्ड के जरिए महाराष्ट्र में फर्जी बैंक खाता खुलने और मनी लॉन्ड्रिंग में नाम आने की बात कही। गिरफ्तारी वारंट जारी होने का दावा कर महिला से बैंक खाते और एफडी की जानकारी ली गई। बाद में वीडियो कॉल पर RTGS फॉर्म भरवाकर रकम ट्रांसफर करा ली गई।

ad

पीड़ित महिला स्टेशन रोड इलाके की रहने वाली हैं और मशीन मरम्मत का काम करती हैं। ठगी का अहसास होने के बाद उन्होंने गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर बैंक खाते की जांच शुरू कर दी है।

youtube

WhatsApp कॉल से शुरू हुआ ठगी का खेल

महिला के मोबाइल पर 7 अक्टूबर की दोपहर WhatsApp कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम विक्रम सिंह बताया और खुद को रायपुर में NIA का अधिकारी बताया। उसने महिला से कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर महाराष्ट्र में एक फर्जी बैंक खाता खोला गया है। आरोपी के मुताबिक, इस खाते में मनी लॉन्ड्रिंग का पैसा आया है और महिला के नाम पर गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है।

महिला को डराने के लिए आरोपी ने WhatsApp पर एक कथित आधिकारिक पत्र भी भेजा। इसके बाद उसने महिला से परिवार, संपत्ति, बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से जुड़ी जानकारी ले ली।

दूसरे कथित अधिकारी ने भी बनाया दबाव

8 अक्टूबर को महिला की बात राकेश अग्रवाल नाम के व्यक्ति से कराई गई। उसे सीनियर अधिकारी बताकर महिला को जेल भेजने की धमकी दी गई। आरोपी लगातार फोन कर महिला पर जांच में सहयोग करने का दबाव बनाते रहे।

उन्हें कहा गया कि अगर उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तारी के डर से महिला आरोपियों के निर्देश मानती रहीं।

FD तुड़वाकर खाते में ट्रांसफर कराए 7 लाख रुपये

आरोपियों के दबाव में महिला ने 9 अक्टूबर को केनरा बैंक में अपनी FD तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की। बैंक की छुट्टी के दिनों में भी ठग फोन करके उन्हें निर्देश देते रहे।

12 अक्टूबर को आरोपियों ने महिला से रकम HDFC बैंक में ट्रांसफर करने को कहा। इसके बाद वीडियो कॉल पर ही उनसे RTGS फॉर्म भरवाया गया। फॉर्म में महाकाली मेटल नाम के खाते का नंबर दर्ज कराकर 7 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। महिला ने पैसे भेजने के बाद ट्रांजैक्शन की रसीद भी WhatsApp पर आरोपियों को भेज दी।

RBI के नाम से भेजा नकली सर्टिफिकेट

रकम ट्रांसफर कराने के बाद आरोपियों ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नाम से एक कथित नकली सर्टिफिकेट भेजा। इससे महिला को भरोसा दिलाने की कोशिश की गई। हालांकि, जब उन्हें NOC नहीं मिली तो उन्हें शक हुआ।

इसके बाद महिला को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने गंज थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब संबंधित बैंक खाते की जांच की जा रही है।