रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 135वीं कड़ी जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ सुनी। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ आज देश की जनता और नेतृत्व के बीच संवाद का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है, जो विकसित भारत के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रत्येक एपिसोड में देशभर के नवाचारों, जनभागीदारी और प्रेरणादायी प्रयासों को सामने लाते हैं, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव की भावना मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ में कई बार छत्तीसगढ़ के नवाचारों और उपलब्धियों का उल्लेख होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी गणेशोत्सव के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मिट्टी से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला तथा वर्षा जल की प्रत्येक बूंद को बचाने और जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मेघालय के जीवित रूट ब्रिज का उल्लेख करते हुए प्रकृति और मानव के अद्भुत समन्वय को रेखांकित किया। उन्होंने विज्ञान, तर्क और जागरूकता के माध्यम से समाज में फैले अंधविश्वासों को दूर करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। असम की महिलाओं द्वारा ‘हरगिला आर्मी’ के माध्यम से दुर्लभ पक्षी हरगिला के संरक्षण और उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के प्रयास को भी प्रेरणादायी उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने नागालैंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संचालित नागालैंड बेबी लीग और नागालैंड वुमन फुटसाल लीग जैसी पहलों की सराहना की। साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय और सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने डोमिनिकन रिपब्लिक में ‘ब्रह्मकमल डोमिनिकाना’ के सदस्यों द्वारा वैदिक साहित्य के अध्ययन और भारतीय संस्कृति से जुड़ने की जानकारी साझा की। वहीं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट से सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक बनाने की पहल को स्वच्छता और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।


