स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 31 मई 2025. बेटियों के उज्जवल भविष्य के लिए आर्थिक तैयारी समय पर करना बेहद जरूरी है। खासकर उच्च शिक्षा और विवाह जैसे बड़े खर्चों को ध्यान में रखते हुए सही निवेश योजना चुनना हर माता-पिता की प्राथमिकता होनी चाहिए।
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ऐसे में भारत सरकार की ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ (SSY) एक भरोसेमंद और सुरक्षित विकल्प बनकर सामने आती है। यह योजना न केवल टैक्स छूट देती है, बल्कि 8.2% चक्रवृद्धि ब्याज के साथ एक बड़ा फंड भी तैयार करती है – वो भी बिना किसी जोखिम के।
आइए, इस योजना के प्रमुख नियमों, लाभों और एक वास्तविक उदाहरण के ज़रिए समझते हैं कि कैसे आप अपनी बेटी के लिए ₹70 लाख से ज्यादा का फंड तैयार कर सकते हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना की मुख्य बातें:
खाता कब और कैसे खुलवा सकते हैं? बेटी के जन्म से लेकर 10 साल की उम्र तक उसके नाम पर यह खाता किसी भी अधिकृत बैंक या पोस्ट ऑफिस में खोला जा सकता है।
अधिकतम कितने खाते खोले जा सकते हैं? प्रत्येक परिवार अधिकतम दो बेटियों के लिए खाते खोल सकता है। जुड़वां या तीन बच्चियों के एक साथ जन्म की स्थिति में यह संख्या बढ़ सकती है।
योगदान की अवधि और लॉक-इन पीरियड खाता खुलने के बाद 15 वर्षों तक इसमें निवेश किया जा सकता है। इसके बाद खाता मैच्योर होने तक (बेटी की उम्र 21 साल) बंद नहीं किया जा सकता, हालांकि ब्याज मिलता रहता है।
निकासी का विकल्प बेटी के 18 वर्ष की होने पर पढ़ाई के लिए कुल राशि का 50% निकाला जा सकता है। शेष राशि 21 साल की उम्र में पूरी तरह निकाली जा सकती है।
टैक्स में ट्रिपल फायदा (EEE छूट) इस योजना में किया गया निवेश, उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि – तीनों पर इनकम टैक्स से छूट मिलती है।
न्यूनतम और अधिकतम निवेश हर वित्तीय वर्ष में न्यूनतम ₹250 और अधिकतम ₹1.5 लाख का निवेश किया जा सकता है। यह रकम एकमुश्त या किस्तों में जमा की जा सकती है।
₹70 लाख का फंड कैसे बनेगा?
अगर आप इस साल यानि 2025 में अपनी 1 साल बेटी के नाम पर खाता खोलते हैं और हर साल ₹1.5 लाख का अधिकतम निवेश करते हैं। इस तरह 15 साल में आपका कुल निवेश ₹22,50,000 होगा। चक्रवृद्धि ब्याज की दर 8.2% के हिसाब से 2046 में आपको लगभग ₹69.27 लाख की मैच्योरिटी राशि मिलेगी — जिसमें से करीब ₹46.77 लाख केवल ब्याज होगा।
