करवा चौथ के कलश में सिर्फ जल रखें या सिक्का भी डालें? जानें क्या है परंपरा

Karwa Chauth puja arrangement

स्वतंत्र बोल
धर्म डेस्क 27 अक्टूबर 2026:
करवा चौथ की पूजा में करवा और कलश का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं। पूजा की तैयारी करते समय अक्सर सवाल उठता है कि करवे या कलश में साफ पानी के अलावा सिक्का, अक्षत और सुपारी भी रखनी चाहिए या नहीं। अलग-अलग परिवारों में इन चीजों को रखने की परंपरा अलग हो सकती है।

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करवा चौथ के कलश में जल के अलावा क्या रखें?

जल: करवे या कलश में साफ जल भरना पूजा की तैयारी का अहम हिस्सा है। कई परंपराओं में इसी जल से रात को चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। इसके लिए साफ बर्तन और स्वच्छ जल का इस्तेमाल करें।

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सिक्का: कुछ परिवारों में कलश में सिक्का डालने की परंपरा है। इसे शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। अगर आपके घर में यह परंपरा है, तो साफ सिक्का जल में डाल सकती हैं या पूजा की थाली में अलग रख सकती हैं।

अक्षत यानी साबुत चावल: हिंदू पूजा-पद्धति में अक्षत का इस्तेमाल शुभ कार्यों में किया जाता है। कुछ परंपराओं में इसे कलश में रखा जाता है, जबकि कई जगह तिलक लगाने और पूजा में अर्पित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

सुपारी: सुपारी का इस्तेमाल कई धार्मिक अनुष्ठानों में होता है। कुछ परिवार इसे करवा चौथ की पूजा सामग्री में शामिल करते हैं। इसे कलश के पानी में डालना जरूरी नहीं है। इसे पूजा की थाली में अलग रखकर भी अर्पित किया जा सकता है।

करवा और अर्घ्य के लोटे में क्या अंतर है?

मिट्टी या धातु का करवा: करवा चौथ की पूजा में करवे को मुख्य सामग्री के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसे पूजा के दौरान स्थापित किया जाता है। कई जगहों पर करवे में गेहूं के दाने, खील या बताशे भी रखे जाते हैं।

अर्घ्य का लोटा: यह आमतौर पर तांबे, पीतल या चांदी का होता है। रात को चंद्रमा निकलने पर इसी लोटे से जल अर्पित किया जाता है।

करवा चौथ की पूजा में करवे का क्या महत्व है?

करवा चौथ की पूजा में करवे को शुभता और मंगलकामना से जोड़कर देखा जाता है। व्रत रखने वाली महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करती हैं। कई परंपराओं में पूजा के दौरान करवे का आदान-प्रदान भी किया जाता है।

पूजा की सामग्री और विधि परिवार की परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए करवे या कलश में क्या रखना है, इसके लिए अपने घर में प्रचलित रीति का पालन किया जा सकता है।