छत्तीसगढ़ ओपन जेल संचालन मामला: हाईकोर्ट ने डीजी जेल से पूछा, कब तक होगी पदों पर भर्ती?

Bilaspur highcourt

स्वतंत्र बोल
बिलासपुर 27 अक्टूबर 2026:
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हाईकोर्ट ने जेलों में रिक्त पदों को भरने की धीमी प्रक्रिया पर कड़ी नाराजगी जताई है। मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) के.आर. महापात्र की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए डीजी जेल से शपथपत्र के जरिए यह स्पष्ट करने को कहा है कि जेलों में खाली पदों पर भर्ती कब तक पूरी की जाएगी। साथ ही, बेमेतरा जिले के पथर्रा गांव स्थित ओपन जेल की सुरक्षा के लिए पुलिस बल की तैनाती को लेकर भी डीजीपी से शपथपत्र में जवाब तलब किया गया है। मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर 2026 को तय की गई है।

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सरकार ने कोर्ट को दी ओपन जेल की जानकारी

इससे पहले हुई सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से शपथपत्र पेश कर बताया गया था कि हाईकोर्ट के निर्देशों के पालन में पथर्रा में ओपन जेल स्थापित करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। 14 जुलाई 2026 के नोटिफिकेशन के जरिए जेल स्थापित की गई और 13 अगस्त 2026 को ‘छत्तीसगढ़ ओपन जेल संचालन एवं प्रबंधन नियम, 2026’ अधिसूचित किए गए। इन नियमों में कैदियों की पात्रता, चयन और उनके स्थानांतरण की प्रक्रिया तय की गई है। सरकार के मुताबिक, जेल संचालन के लिए 48 नए पदों के सृजन और सीधी भर्ती की अनुमति का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें जेल अधीक्षक और अन्य जरूरी कर्मचारियों की पदस्थापना शामिल है।

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सुरक्षा बल न मिलने पर कोर्ट ने जताई नाराजगी

सुनवाई के दौरान शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि बेमेतरा ओपन जेल के लिए सुरक्षा टुकड़ी (पुलिस बल) नहीं मिल पा रही है, जिसके चलते बाहरी सुरक्षा का मामला अटका हुआ है। इस पर डिवीजन बेंच ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि रिक्त पदों को भरने और व्यवस्था बनाने की प्रक्रिया बहुत ही धीमी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ओपन जेल की बाहरी सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की एक कंपनी तैनात करने के संबंध में डीजीपी स्थिति स्पष्ट करें।