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रायपुर 28 अक्टूबर 2026: जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों ने बुधवार को शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत की। कंपनी का शेयर 1,119 रुपये के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले 21.35 फीसदी प्रीमियम पर 1,358 रुपये पर लिस्ट हुआ। इस तरह IPO में शेयर पाने वाले निवेशकों को हर शेयर पर 239 रुपये का फायदा मिला। एक लॉट में 12 शेयर होने के कारण निवेशकों का लिस्टिंग गेन 2,868 रुपये रहा।
लिस्टिंग के बाद निवेशकों के सामने अब बड़ा सवाल है कि मुनाफा वसूल कर लिया जाए या शेयर को लंबे समय के लिए होल्ड रखा जाए। Nirivantes Research के फाउंडर वरुण एन जोशी ने लिस्टिंग के दिन मुनाफा बुक करने की सलाह दी है। उनका मानना है कि मौजूदा भाव पर शेयर का मूल्यांकन काफी हद तक उचित स्तर पर पहुंच चुका है।
1,358 रुपये पर हुई जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर था। कंपनी ने अपर प्राइस बैंड 1,119 रुपये पर शेयर जारी किए। बुधवार को शेयर बाजार में इसकी शुरुआत 1,358 रुपये पर हुई। यह इश्यू प्राइस से 21.35 फीसदी ज्यादा है।
इस हिसाब से एक शेयर पर 239 रुपये का अंतर रहा। IPO का लॉट साइज 12 शेयरों का था। ऐसे में एक लॉट पाने वाले निवेशक को लिस्टिंग के भाव पर 2,868 रुपये का फायदा हुआ। यह गणना लिस्टिंग प्राइस और इश्यू प्राइस के अंतर पर आधारित है। इसमें ब्रोकरेज और अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं।
लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में शेयर का प्रीमियम करीब 247 रुपये बताया जा रहा था। इसके आधार पर लगभग 1,366 रुपये पर लिस्टिंग का अनुमान लगाया गया था। शेयर की वास्तविक लिस्टिंग इस अनुमान के करीब रही।
मार्केट कैप में एयरटेल से आगे निकली कंपनी
लिस्टिंग के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स का बाजार पूंजीकरण करीब 12.61 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस स्तर पर कंपनी ने भारती एयरटेल को पीछे छोड़कर भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी का स्थान हासिल किया। रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर बनी हुई है।
मंगलवार को NSE पर भारती एयरटेल का शेयर 1,978.80 रुपये पर बंद हुआ था। उस समय कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 12.35 लाख करोड़ रुपये था। जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के बाद दोनों कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में अंतर देखने को मिला।
IPO को मिला 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 से 23 अक्टूबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। कंपनी ने निवेशकों के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था।
दिए गए आंकड़ों के अनुसार, इस इश्यू को कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसमें करीब 1.4 करोड़ आवेदन आए और 4.9 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां लगाई गईं। संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में सब्सक्रिप्शन 70.55 गुना से ज्यादा रहा।
इश्यू में 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर शामिल थे। यानी यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू था और इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं रखा गया था।
अब शेयर बेचें या होल्ड करें?
मजबूत लिस्टिंग के बाद निवेशकों के लिए अगला सवाल शेयर रखने या मुनाफा वसूलने का है। Nirivantes Research के फाउंडर वरुण एन जोशी ने लिस्टिंग के दिन मुनाफा बुक करने की सलाह दी है।
उनके मुताबिक, 1,358 रुपये के लिस्टिंग भाव पर शेयर का मूल्यांकन काफी हद तक उचित स्तर पर पहुंच चुका है। इसलिए तत्काल बड़ी तेजी की संभावना सीमित हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान शेयर का भाव 1,200 से 1,250 रुपये के दायरे में आने पर दोबारा खरीदारी पर विचार किया जा सकता है।
यह विशेषज्ञ की राय है, शेयर के भाव की गारंटी नहीं। बाजार में कीमतें बदल सकती हैं और किसी भी निवेश निर्णय से पहले निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय स्थिति पर विचार करना चाहिए।
Disclaimer: यह खबर केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश से जुड़ा फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।


