छत्तीसगढ़ में धान खरीदी से पहले 360 नए केंद्र, किसानों को क्या होगा फायदा?

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स्वतंत्र बोल
रायपुर 27 अकटूबर 2026:
 छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होगी। किसानों की सुविधा के लिए राज्य सरकार 360 नए धान खरीदी केंद्र शुरू करेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को रायपुर के सिविल लाइंस स्थित सर्किट हाउस में श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय की जयंती पर आयोजित उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान समारोह में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में करीब 10 हजार करोड़ रुपये की नई सिंचाई परियोजनाएं शुरू की गई हैं।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की करीब 80 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि से जुड़ी है। किसानों की आय बढ़ाना, खेती की लागत कम करना और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने समारोह में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए प्रगतिशील किसानों को उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान से सम्मानित किया।

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360 नए केंद्रों से किसानों को मिलेगी सुविधा

मुख्यमंत्री ने कहा कि धान खरीदी के लिए नए केंद्र शुरू होने से किसानों को उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इससे खरीदी केंद्रों पर दबाव कम करने के साथ किसानों के समय और श्रम की बचत करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को धान बेचने में परेशानी न हो, इसके लिए जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

1,500 पुरानी सिंचाई परियोजनाओं के जीर्णोद्धार के लिए 2,800 करोड़ मंजूर

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रदेश में पिछले दो वर्षों के दौरान करीब 10 हजार करोड़ रुपये की नई सिंचाई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इसके अलावा 1,500 पुरानी सिंचाई परियोजनाओं के जीर्णोद्धार के लिए लगभग 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से अधिक किसानों तक पानी पहुंचाने और खेती की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगांव परियोजनाओं सहित कई नई सिंचाई परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। सरकार का प्रयास खेती की वर्षा पर निर्भरता कम करना है।

किसान क्रेडिट कार्ड और शून्य ब्याज पर कृषि ऋण का जिक्र

मुख्यमंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड की शुरुआत का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को देते हुए कहा कि इससे किसानों को खेती के लिए जरूरी पूंजी जुटाने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को सहकारी बैंकों से 18 प्रतिशत तक ब्याज पर ऋण लेना पड़ता था, जबकि अब किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण की सुविधा मिल रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि अनुसंधान, आधुनिक तकनीक, जैविक खेती और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का जोर उत्पादन बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने पर है।

मनहरण लाल पाण्डेय के योगदान को किया याद

मुख्यमंत्री ने श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका जीवन जनसेवा को समर्पित था। खेती-किसानी और ग्रामीण जीवन से उनका गहरा जुड़ाव था। उन्होंने सिंचाई सुविधाओं के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए। मुख्यमंत्री ने किसानों और समाजसेवियों को सम्मानित करने की पहल के लिए आयोजन समिति को बधाई दी।

वन मंत्री केदार कश्यप ने भी समारोह को संबोधित किया। उन्होंने मनहरण लाल पाण्डेय के सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में योगदान को याद किया। कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय किसान परिवार से आते हैं और किसानों की समस्याओं को समझते हैं।

समारोह में कर्मवीर सिंह, अखिलेश सोनी, नवीन मार्कण्डेय, राम गर्ग, आलोक चंद्र ठाकुर, हर्षिता पाण्डेय और अनुराग पाण्डेय सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, मनहरण लाल पाण्डेय स्मृति संस्थान के सदस्य और प्रदेशभर से आए किसान उपस्थित थे।