अमेरिका से आई दो बुरी खबरों के बाद भी शेयर बाजार में नहीं दिखा खौफ, जानिए गिरावट के बाद कैसे संभला सेंसेक्स

स्वतंत्र बोल
मुंबई 17 सितंबर 2026:
अमरीका से आई दो बुरी खबरों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी तबाही के संकेत नजर आ रहे थे, लेकिन बाजार खुलते ही ये आशंकाएं फेल साबित हुईं। प्री-सेशन में तेज गिरावट के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स शुरुआती सुस्ती से उबरा और करीब 150 अंक बढ़कर 74,486 के स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी फेड रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी और अमेरिकी सीनेट द्वारा डोनाल्ड ट्रंप को रूसी तेल खरीदारों पर 100% टैरिफ का अधिकार देने वाले बिल के बाद भी बाजार हरे निशान में लौट आया।

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शुरुआती सुस्ती के बाद हरे निशान में आया सेंसेक्स

गुरुवार को कारोबार की शुरुआत में बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,336 की तुलना में गिरकर 74,182 के स्तर पर खुला था। हालांकि, अगले ही पल इसने अपनी चाल बदल ली और ट्रंप के 100% टैरिफ के डर को बेअसर करते हुए तेज रफ्तार पकड़ ली। कुछ ऐसी ही चाल नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के निफ्टी-50 की भी रही, जो शुरुआती गिरावट के बाद संभल गया।

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इससे पहले बुधवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ था। बुधवार को सेंसेक्स 332.63 अंक उछलकर 74,336.45 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 99 अंक की गिरावट लेकर 23,217.60 पर क्लोज हुआ था। बुधवार की इस तेजी के बाद अमेरिका से आई दो खबरों ने गुरुवार को तेज गिरावट की आशंका बढ़ा दी थी।

अमेरिकी बाजार से आई दो बुरी खबरें

शेयर बाजार में गिरावट की आशंका के पीछे पहला बड़ा कारण अमेरिका का यूएस फेड रिजर्व रहा। केविन वॉर्श के नेतृत्व में हुई फेड की बैठक में पॉलिसी रेट में 25 बेसिस प्वाइंट यानी 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की गई। इस फैसले के बाद अमेरिका में फेडरल फंड्स रेट 3.75% से बढ़कर 4% के दायरे में पहुंच गया है।

दूसरा बड़ा कारण भारत की चिंता बढ़ाने वाला था। अमेरिकी सीनेट में रूस पर नए प्रतिबंध लगाने वाले एक बिल को मंजूरी दी गई है। यह बिल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है जो रूस से तेल और गैस खरीदते हैं। चूंकि भारत रूसी तेल का बड़ा खरीदार है, इसलिए इससे भारतीय बाजार में बड़ी तबाही का डर जताया जा रहा था।