स्वतंत्र बोल
रायपुर 19 जून 2026: मुख्यमंत्री निवास में हुई मंत्रियों की हाईलेवल बैठक को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस की ओर से सरकार में “विस्फोटक स्थिति” बनने के दावे को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि असली विस्फोटक हालात तो कांग्रेस के भीतर हैं, जहां लगातार नेता और कार्यकर्ता पार्टी छोड़ रहे हैं।
मीडिया से चर्चा करते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि मुख्यमंत्री और भाजपा संगठन की ओर से यह एक सार्थक पहल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्रियों की बैठक कोई असामान्य घटना नहीं, बल्कि सरकार की नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकें समय-समय पर होती रहती हैं और इन्हें लेकर अनावश्यक राजनीतिक अर्थ निकालना उचित नहीं है।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए भाजपा विधायक ने कहा कि पार्टी को पहले यह जवाब देना चाहिए कि उसके नेता लगातार संगठन छोड़कर क्यों जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस आज पूरी तरह अप्रासंगिक होती जा रही है और जनता के बीच उसका प्रभाव लगातार घट रहा है।
21 जून को राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर भी अजय चंद्राकर ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को प्रशिक्षण शिविर की जरूरत क्यों पड़ रही है, यह समझ से परे है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि शायद राहुल गांधी भूपेश बघेल को बधाई देने छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। चंद्राकर ने यह भी कहा कि भूपेश बघेल जहां-जहां जाते हैं, वहां-वहां कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ता है।
शराब की ओवररेटिंग के मुद्दे पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा विधायक ने कहा कि कांग्रेस को इस विषय पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में विभिन्न प्रकार के भ्रष्टाचार के मामले सामने आए थे और अब वही पार्टी सरकार पर सवाल उठा रही है।
इंडिया गठबंधन को लेकर भी अजय चंद्राकर ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गठबंधन के भीतर भगदड़ जैसी स्थिति है और देश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कांग्रेस से जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाने की अपील की।
NEET परीक्षा और पेपर लीक से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस द्वारा देशभर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रतिक्रिया देते हुए चंद्राकर ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मामले की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के शासनकाल में ऐसी घटनाओं के बावजूद किसी मंत्री ने जिम्मेदारी नहीं ली थी। साथ ही उन्होंने कहा कि इस बार परीक्षा की सुरक्षा को लेकर अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।
भाजपा विधायक के इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। राहुल गांधी के दौरे और कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी जुबानी जंग लगातार तेज होती नजर आ रही है।


