स्वतंत्र बोल
कोरिया 19 जून 2026 : कोरिया जिले के चर्चित कटगोड़ी हत्याकांड ने अब नया मोड़ ले लिया है। मामले में करणी सेना और शिवसेना की एंट्री के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। रायपुर से पहुंचे दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और न्याय दिलाने का भरोसा जताया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपते हुए मामले की सीबीआई जांच, आरोपियों पर बुलडोजर कार्रवाई और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की।
दोनों संगठनों का कहना है कि घटना बेहद जघन्य और सुनियोजित प्रतीत होती है, इसलिए इसकी निष्पक्ष और गहन जांच आवश्यक है। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद रहे, जिन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
तीन मौतों से दहला इलाका, कई आरोपी अब भी फरार
कटगोड़ी हत्याकांड में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की फॉर्च्यूनर वाहन में आग लगने से दर्दनाक मौत हो गई थी। वहीं गंभीर रूप से घायल दो अन्य लोगों में से एक ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना में घायल अन्य लोगों का उपचार जारी है।
पुलिस ने अब तक अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मनोज त्रिपाठी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि मामले के कई अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
रेत घाट विवाद से शुरू हुआ खूनी संघर्ष
जानकारी के अनुसार, सोनहत क्षेत्र के नौगई गांव में भाजपा नेता और पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के रिश्तेदार नागेंद्र सिंह के बेटे ने नौगई रेत घाट का ठेका लिया था। रेत खनन को लेकर उनका भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से लंबे समय से विवाद चल रहा था।
बताया जा रहा है कि घटना वाली रात करीब 12 बजे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि मनोज त्रिपाठी से जुड़े लोगों ने भरत सिंह को उनके घर के पास घेर लिया। इसके बाद फॉर्च्यूनर वाहन के आगे और पीछे हाईवा लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया और वाहन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई।
आग से बचकर निकले तो हुई बेरहमी से पिटाई
घटना के समय फॉर्च्यूनर में भरत सिंह, उनके भाई एवं शिक्षक नागेंद्र सिंह, मयंक सिंह, योगेंद्र सिंह और रायपुर निवासी विरेंद्र सिंह सवार थे। आग लगने के बाद भरत सिंह वाहन में ही बुरी तरह झुलस गए और उनकी मौके पर मौत हो गई।
वहीं अन्य लोग किसी तरह वाहन से बाहर निकलने में सफल हुए, लेकिन आरोप है कि बाहर निकलते ही उन पर हमला कर दिया गया। विरेंद्र सिंह के गले पर फरसे से वार किया गया था। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस पूरी वारदात ने जिले को झकझोर कर रख दिया है।
CBI जांच की मांग से बढ़ेगी सियासी गर्मी?
करणी सेना और शिवसेना द्वारा सीबीआई जांच की मांग किए जाने के बाद यह मामला और अधिक चर्चाओं में आ गया है। अब निगाहें प्रशासन और राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। वहीं पीड़ित परिवार और विभिन्न संगठन सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कठोरतम सजा की मांग पर अड़े हुए हैं। कटगोड़ी हत्याकांड को लेकर जिले में आक्रोश और न्याय की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।


