धर्म स्वातंत्र्य बिल पर सस्पेंस खत्म होने वाला? राज्यपाल के हस्ताक्षर के संकेत, साथ ही बंगाल को लेकर बड़ा दावा

स्वतंत्र बोल
रायपुर,07 अप्रैल 2026:
छत्तीसगढ़ की सियासत में इन दिनों हलचल तेज है। धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर जारी इंतजार अब खत्म हो सकता है। राज्य के डिप्टी सीएम Vijay Sharma ने संकेत दिए हैं कि राज्यपाल Ramen Deka इस पर कभी भी हस्ताक्षर कर सकते हैं।

उनके बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं।


कभी भी हो सकता है बड़ा फैसला
Vijay Sharma ने कहा कि राज्यपाल चिंतनशील व्यक्ति हैं और संभव है कि जिस समय यह चर्चा चल रही है, उसी दौरान हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी भी हो चुकी हो।

इस बयान ने पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया है।


नक्सल मुद्दे पर दिल्ली में होगी अहम बैठक
डिप्टी सीएम ने यह भी बताया कि नक्सलवाद के मुद्दे पर मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा तय है, जहां विस्तृत चर्चा की जाएगी।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद खत्म होने के बाद अब विकास और सुरक्षा को लेकर नई रणनीति पर काम होगा।


बस्तर में विकास पर जोर, लेकिन सावधानी जरूरी
Vijay Sharma ने बस्तर क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास का जिक्र करते हुए कहा कि अभी बहुत काम बाकी है।

उन्होंने यह भी साफ किया कि बस्तर संवेदनशील क्षेत्र है, इसलिए वहां से फोर्स हटाने को लेकर जल्दबाजी नहीं की जा सकती। अफवाहों से बचने की अपील भी की गई।


पश्चिम बंगाल को लेकर बड़ा राजनीतिक दावा
पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी Vijay Sharma ने बड़ा बयान दिया।

उन्होंने दावा किया कि Bharatiya Janata Party इस बार बंगाल में सरकार बनाने जा रही है और जनता का समर्थन पार्टी के साथ है।

साथ ही उन्होंने कहा कि All India Trinamool Congress को इस बार जनता सत्ता से बाहर कर सकती है।


कांग्रेस पर भी साधा निशाना
कांग्रेस की बैठकों और सरकार को घेरने की कोशिशों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष अब तक क्या कर रहा था।

उन्होंने दावा किया कि सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और सभी विभागों ने अपनी उपलब्धियां सार्वजनिक की हैं।


अब सबकी नजर राज्यपाल के फैसले पर टिकी है—क्या धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर जल्द मुहर लगेगी, या फिर सस्पेंस और बढ़ेगा? साथ ही बंगाल को लेकर किए गए दावे भी आने वाले समय में सियासी तापमान बढ़ा सकते हैं।