मुआवजा घोटाले की पड़ताल: अभनपुर के किसानो का खाता महासमुंद के निजी बैंक में खुला, जमीन दलालो ने ऑपरेट किया बैंक खाता.. सीबीआई जाँच नहीं EOW करेगी जांच।

स्वतंत्र बोल
रायपुर 12 मार्च 2025.  भारत माला सड़क परियोजना में अभनपुर के गाँवों में मुआवजा घोटाले में राजस्व अधिकारियो और जमीन दलालो ने सिंडिकेट बनाकर सरकारी खजाने का दोहन किया है। सड़क परियोजना के राजपत्र में प्रथम प्रकाशन के बाद भी जमीनों को टुकड़े में बांटा गया और 3 डी प्रकाशन के दौरान पूरा खेल किया गया। नायकबांधा उरला समेत चार गाँवो में ही करीब 43 करोड़ रुपये का खेला तत्कालीन राजस्व अधिकारी निर्भय साहू और जमीनों दलालो ने किया। मुआवजा घोटाले में राजधानी और धमतरी जिले अनेको रसूखदार शामिल है जिन्होंने प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद आनन फानन में जमीने किसानो से खरीदी और कई टुकड़ो में बटांकन कर करोडो रुपये का मुआवजा लिया है।

 

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नेता प्रतिपक्ष ने सीबीआई जाँच की मांग की-

विधानसभा के बजट सत्र में भारतमाला मुआवजा घोटाला का मुद्दा नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने उठाया। महंत ने साढ़े अंदाज में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा से पूछा कि घोटाले पर सरकार सीबीआई जाँच कराये। जिस पर मंत्री ने स्वीकार किया कि राजस्व अधिकारियो ने गड़बड़ी की है, जिस पर आयुक्त से जाँच कराइ जायेगी। महंत लगातार सीबीआई जाँच की मांग पर जोर देते रहे पर राजस्व मंत्री ने सीबीआई जाँच से बचते रहे और वो संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि केंद्र सरकार के खजाने का दोहन करने वाले भ्रष्ट अधिकारियो पर एफआईआर कर जेल रवाना करे और सीबीआई जाँच की अनुशंसा करे, पर मुख्यमंत्री भी सीबीआई जाँच की अनुशंसा नहीं की। महंत ने विधायकों की समिति से जांच का आग्रह किया उसे भी मंत्री ने स्वीकार नहीं किया। जिससे नाराज महंत ने हाईकोर्ट जाने की बात कहकर विपक्षी सदस्यों ने बहिगर्मन कर दिया।

भारतमाला प्रोजेक्ट में मुआवजा घोटाले का मुद्दा बीजेपी के नेता तीन वर्षो से उठाते रहे ,पूर्व में बीजेपी नेताओ द्वारा सीबीआई जाँच की मांग तत्कालीन कांग्रेस सरकार में की गई थी। सीनियर बीजेपी नेता चंद्रशेखर साहू और गौरीशंकर श्रीवास ने दिसंबर 2021 में बीजेपी कार्यालय में प्रेस वार्ता लेकर 700 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सीबीआई से जाँच कराने की मांग किया था। अब सरकार में आने पर केंद्र के सरकारी खजाने पर डाका डालने वालो पर सरकार मेहरबान दिखी। देर रात कैबिनेट बैठक में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने का निर्णय लिया गया, जिसे जानकार डेमेज कंट्रोल ठहरा रहे है।

किसानो का खाता महासमुंद में-

घोटाले में नए तथ्य सामने आये है जिसके अनुसार अभनपुर के उरला, नायकबांधा,सहित अन्य गाँवो के किसानो का बैंक खाता महासमुंद के आईसीआईसीआई बैंक में खुलवाया गया था। जहा किसानो के खाते से एक बार में करोडो रुपये निकलते थे, सबसे बड़ी बात थी किसानो का बैंक खाता जमीन संचालित करते थे और उन्हें उसकी जानकारी ही नहीं होती थी। बीजेपी नेता गौरीशंकर घोटाले में शामिल राजस्व अधिकाकारियो और जमींन दलाल हरमीत खनूजा सहित मुआवजा माफिया गिरोह पर अपराध दर्ज करने की मांग की है।

श्रीवास ने सोशल मीडिया में लिखा कि रायपुर जिले के किसानो का बैंक खाता महसमुँद जिले के आईसीआईसीआई बैंक में खोला गया और उसी बैंक से करोडो की रकम निकाली गई। बैंक मैनेजर ने बाद में नौकरी छोड़ दिया और गिरोह का भरपूर साथ दिया है। बताते है कि घोटाले में शामिल जमीन दलाल मूलतः महासमुंद निवासी है, और उसी ने आईसीआईसीआई बैंक में किसानो का खाता खोलवाया था।

 

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