स्मार्ट सिटी बस फाइलों में, असल कहानी कुछ और है…

स्वतंत्र बोल
रायपुर 26 जुलाई 2025: बीती रात राजधानी रायपुर में मूसलाधार बारिश ने नगर निगम के झूठे दावों की पोल खोल दी। बीती रात राजधानी के मोहल्ले जलमग्न हो गए। लोगों के घरों में पानी घुस गया और जो घर गृहस्थी का जरूरी सामान था वह भी पानी की भेंट चढ़ गया। कई मोहल्ले जलमग्न हुए और कई घरों में पानी घुसा। ट्रिपल इंजन की सरकार का जो दावा था वो दावा धवस्त हो गया।

स्मार्ट सिटी के नाम पर जो रायपुर की बहबाहि लूटी जाती है उस झूठी बहबाहि की जब परत खुली तो यह समझ में आया कागजों पर स्मार्ट सिटी का जिक्र कर देना बेहद ही आसान है लेकिन जब बात धरातल पर आकर काम करने की होती है तो रायपुर नगर निगम उसमें बावना प्रतीत होता है।

इसी बीच बारिश में ही सुबह सुबह कुशालपुर की जनता आक्रोशित हो गई। आक्रोशित होकर सड़कों पर आकर मुंबई हावड़ा हाईवे पर जमकर धरना दिया। इधर शासन प्रशासन को खबर ही नहीं कि कुशालपुर की जनता सड़कों पर आकर विरोध दर्ज कर रही है फिर क्या था देखते ही देखते 2 किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया। 45 मिनट बाद जब नगर निगम तक सूचना पहुंची तो आनंद फानन में वहां पुलिस पहुंची। किसी तरीके से जनता को शांत करने का प्रयास किया गया और फिर 2 किलोमीटर का लंबा जाम घंटे तक लोगों के लिए मुसीबत बन रहा है।

राजधानी रायपुर में ड्रेनिंग सिस्टम फेल होता हुआ नजर आ रहा है। बारिश के पहले नगर निगम हर बार यह दावा करता है की बरसात के लिए हम तैयार हैं नालियां हमारी साफ है सीवर हमारे साफ हैं। जो जल निकासी की व्यवस्था है वह बेहतर है, लेकिन जैसे ही बरसात अपनी रफ्तार पकड़ता नगर निगम उसके सामने घुटने टेकते नजर आता है।

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