4 घंटे तक बंद कमरे में चली हाईलेवल बैठक! PM मोदी ने सचिवों को दिए बड़े निर्देश, अब बदल सकती है कामकाज की रफ्तार

स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 01 जुलाई 2026:
 केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की चर्चाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ करीब चार घंटे तक अहम समीक्षा बैठक की। बैठक में सरकार की प्रमुख योजनाओं की प्रगति, प्रशासनिक सुधारों और आने वाले महीनों की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

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बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा, शक्तिकांत दास सहित विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसका मुख्य उद्देश्य सरकार की प्राथमिकताओं को तेजी से लागू करना और विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना था।

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बैठक के दौरान ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, डिजिटल गवर्नेंस, नियमों को सरल बनाने और सरकारी योजनाओं की लास्ट-माइल डिलीवरी को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष फोकस रहा। विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों ने अपने-अपने विभागों में चल रहे सुधारों, चुनौतियों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी प्रधानमंत्री को दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों को विभागीय सीमाओं से ऊपर उठकर ‘होल-ऑफ-गवर्नमेंट’ दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी मंत्रालयों को आपसी समन्वय के साथ एकीकृत तरीके से कार्य करना चाहिए, ताकि योजनाओं का लाभ तेजी और प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंच सके। इस दौरान पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म के अधिकतम उपयोग पर भी जोर दिया गया, जिससे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल और तेज निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी सरकारी योजना की सफलता केवल उसके क्रियान्वयन से नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन में आए वास्तविक और सकारात्मक बदलाव से आंकी जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से परिणाम-आधारित कार्य संस्कृति अपनाने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।

मौजूदा वित्त वर्ष में सचिव स्तर की यह पहली बड़ी समीक्षा बैठक मानी जा रही है। इसे 2026 की दूसरी छमाही के लिए केंद्र सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं को स्पष्ट करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हाल ही में रेलवे समेत कई मंत्रालयों में शुरू की गई ’52 सप्ताह में 52 सुधार’ पहल को भी इसी व्यापक सुधार अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।

सरकार का फोकस प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने और आम नागरिकों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाने पर केंद्रित है।