आसमान से बरसी आफत! पूर्वोत्तर में बाढ़-भूस्खलन का कहर, 257 गांव डूबे, कई इलाकों का दुनिया से टूटा संपर्क

स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 01 जुलाई 2026:
पूर्वोत्तर भारत में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। अरुणाचल प्रदेश और असम में बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। कई गांवों का संपर्क टूट गया है, पुल बह गए हैं और हजारों लोग राहत शिविरों पर निर्भर हो गए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात कर हरसंभव केंद्रीय सहायता का भरोसा दिया है।

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अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। केयी पान्योर जिले में 24 जून को नदी के तेज बहाव में बह गए पांच लोगों में से तीन के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। वहीं, लोअर दिबांग वैली जिले में सिसिरी नदी में फंसे चार लोगों को भारतीय वायुसेना ने सफल राहत अभियान चलाकर सुरक्षित बाहर निकाला।

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लगातार बारिश के कारण राज्य के कई प्रमुख सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। रोइंग-अनिनी सड़क कई स्थानों पर टूट गई है, जबकि पूर्वी सियांग जिले में सड़क ध्वस्त होने से यागरुंग, टेकांग और सिबुत गांवों का पासीघाट से संपर्क पूरी तरह कट गया है। रुकसिन क्षेत्र में बादल फटने के बाद कई घर जलमग्न हो गए। इसके अलावा रेमा पुल ढह गया है और बोकरंग पुल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

उधर, असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार राज्य के 257 गांव जलमग्न हैं और करीब 45 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सबसे अधिक असर धेमाजी जिले में देखा गया है, जहां लगभग 41 हजार लोग प्रभावित हैं। डिब्रूगढ़, चिरांग, लखीमपुर और नलबाड़ी जिले भी बाढ़ की चपेट में हैं।

बाढ़ के कारण 4,278 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो गई है, जबकि 76 हजार से ज्यादा पालतू पशु भी प्रभावित हुए हैं। धेमाजी के जोनाई क्षेत्र से एक व्यक्ति के तेज बहाव में बहने की सूचना भी सामने आई है।

भारी बारिश का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा है। धेमाजी जिले में सिमेन नदी पर बना महत्वपूर्ण पुल ढहने के बाद मुर्कोंगसेलेक-शिलापाथर रेलखंड पर ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। वहीं, जोनाई में केमी नदी पर बना लगभग 300 मीटर लंबा पुल भी बह गया, जिससे कई इलाकों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने अरुणाचल प्रदेश और असम के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बातचीत कर हालात की जानकारी ली और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है और प्रभावित परिवारों के राहत एवं पुनर्वास के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है।