स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 4 अक्टूबर 2026 : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े करीब 20 साल पुराने मामले की केरल में फिर जांच होगी। केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (VACB) को 2006 के मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। मामला उस समय का है, जब ज्ञानेश कुमार केरल के लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव थे। यह मामला केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KSTP) के तहत MC रोड के अपग्रेडेशन और इससे जुड़े मलेशियाई इंजीनियर ली सी बीन की आत्महत्या से संबंधित है।
किस मामले की दोबारा जांच हो रही है?
2006 में PATI-BEL नाम के इंडो-मलेशियन कंसोर्टियम की ओर से MC रोड के अपग्रेडेशन का काम किया जा रहा था। इसी प्रोजेक्ट से जुड़े मलेशियाई सिविल इंजीनियर ली सी बीन की आत्महत्या के बाद मामला सामने आया था।
रिपोर्टों के मुताबिक, बीन के कथित सुसाइड नोट में उस समय PWD सचिव रहे ज्ञानेश कुमार का नाम आया था। मामले में भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े आरोपों की जांच शुरू हुई थी।
पहले भी शुरू हुई थी विजिलेंस जांच
ली सी बीन की मौत के बाद 2006 में विजिलेंस की प्रारंभिक जांच शुरू की गई थी। हालांकि, जांच आगे नहीं बढ़ सकी। बाद में ज्ञानेश कुमार केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर चले गए।
अब केरल सरकार ने पुराने मामले से जुड़ी फाइलें भी तलब की हैं। नई जांच में यह भी देखा जाएगा कि पहले की जांच पर किसी बाहरी प्रभाव का असर पड़ा था या नहीं।
कांग्रेस नेता की शिकायत पर लिया गया फैसला
गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कांग्रेस नेता मलयालमकीझु वेणुगोपाल की शिकायत के बाद जांच के निर्देश दिए हैं। शिकायत में 2006 की जांच को कथित तौर पर प्रभावित किए जाने और मामले को आगे नहीं बढ़ने देने के आरोप लगाए गए हैं।
गृह मंत्री ने विजिलेंस निदेशक को बाहरी प्रभाव के आरोपों की भी जांच करने को कहा है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
SIR को लेकर पहले से विपक्ष के निशाने पर हैं CEC
ज्ञानेश कुमार इस समय मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों के निशाने पर हैं। विपक्षी दल उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इसी बीच 2006 के पुराने मामले की जांच दोबारा शुरू होने का फैसला सामने आया है। हालांकि, पुराने मामले में लगे आरोपों की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।


