फ्लाइट में 2 पैग के बाद ज्यादा चढ़ता है नशा? जानिए हवा में शराब का असर क्यों बदलता है

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स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 23 सितंबर 2026:
लंबी दूरी की विमान यात्रा के दौरान शराब पीने पर क्या जमीन के मुकाबले ज्यादा नशा महसूस होता है? सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई दावे किए जाते हैं। वाइन एक्सपर्ट सोनल हॉलैंड ने एक वीडियो में इस सवाल का जवाब दिया है। उनके मुताबिक, विमान के केबिन में कम ऑक्सीजन, कम नमी और यात्रा की थकान शराब के असर को ज्यादा महसूस करा सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि खून में अल्कोहल की मात्रा सीधे तौर पर ज्यादा बढ़ जाती है।

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कम ऑक्सीजन से बढ़ सकता है असर

हवाई जहाज के केबिन में हवा का दबाव जमीन के मुकाबले कम होता है। इससे खून में ऑक्सीजन का स्तर थोड़ा कम हो सकता है। कम ऑक्सीजन की वजह से व्यक्ति को सुस्ती या भारीपन महसूस हो सकता है।ऐसे में शराब का सेवन करने पर चक्कर, सुस्ती और शरीर का संतुलन बिगड़ने जैसे असर ज्यादा महसूस हो सकते हैं। सोनल हॉलैंड के मुताबिक, शराब और कम ऑक्सीजन का यह संयोजन विमान में अलग तरह से महसूस हो सकता है।

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डिहाइड्रेशन भी एक वजह

विमान के केबिन में नमी काफी कम होती है। इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है। दूसरी ओर, शराब ड्यूरेटिक के रूप में काम करती है, जिससे पेशाब ज्यादा आ सकता है। इन दोनों वजहों से डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है। इसका असर थकान और हैंगओवर जैसे लक्षणों के रूप में महसूस हो सकता है। इसलिए लंबी उड़ान के दौरान शराब लेने वाले यात्रियों के लिए पानी पीना महत्वपूर्ण बताया गया है।

क्या खून में अल्कोहल की मात्रा ज्यादा हो जाती है?

साल 2018 में जर्मन एयरोस्पेस सेंटर की एक स्टडी का हवाला दिया गया है। इसमें केबिन की ऊंचाई के कारण खून में ऑक्सीजन सैचुरेशन कम होने और इससे नींद व शरीर पर तनाव बढ़ने की बात सामने आई थी। स्टडी के अनुसार, शराब का असर डिहाइड्रेशन और थकान के साथ मिलकर ज्यादा महसूस हो सकता है। यानी इसे सीधे तौर पर इस तरह नहीं समझना चाहिए कि विमान में पहुंचते ही खून में अल्कोहल की मात्रा जमीन के मुकाबले ज्यादा हो जाती है। आसान भाषा में कहें तो शराब की मात्रा वही रहती है, लेकिन कम ऑक्सीजन, कम नमी और यात्रा की थकान की वजह से शरीर पर उसका असर ज्यादा महसूस हो सकता है।

लंबी उड़ान में किन बातों का रखें ध्यान?

वाइन एक्सपर्ट के अनुसार, विमान में शराब पीने के बाद पानी की कमी नहीं होती है।  लंबी दूरी की उड़ानों में यात्रियों को हाइड्रेटेड रहने की सलाह भी दी जाती है। जिन यात्रियों को पहले से सांस या हृदय संबंधी समस्याएं हैं, उनके लिए विमान के केबिन में शराब का सेवन अधिक सावधानी की मांग कर सकता है। ऐसे लोगों पर कम ऑक्सीजन वाले माहौल का असर सामान्य यात्रियों से अलग हो सकता है।