देश का सबसे स्वच्छ नगर पंचायत बनने पर बिल्हा की स्वच्छता दीदियों और सफाई कर्मियों को डिप्टी सीएम साव ने किया सम्मानित

स्वतंत्र बोल
रायपुर 1 अगस्त 2025: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बिल्हा नगर पंचायत को 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाने में अहम योगदान के लिए वहां की स्वच्छता दीदियों और सफाई कर्मियों को सम्मानित किया। उन्होंने बिल्हा के कन्या भवन में आयोजित सम्मान समारोह में 28 स्वच्छता दीदियों, 20 सफाई मित्रों और दस स्वच्छता कमांडोज को सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में बिल्हा ने 20 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों में देश के सबसे साफ-सुथरे शहर का पुरस्कार हासिल किया है। बिल्हा के विधायक श्री धरमलाल कौशिक और क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी भी सम्मान समारोह में शामिल हुए।

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उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम में स्वच्छता दीदियों से कहा कि आप लोगों के कारण छत्तीसगढ़ को देश में बड़ी प्रतिष्ठा मिली है। स्वच्छता में देश में प्रथम स्थान हासिल करना हम सबके लिए गौरव की बात है। अब हमें इसे बरकरार रखना होगा। बिल्हा के एक-एक व्यक्ति को स्वच्छता के लिए संकल्प लेना होगा। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई।

उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छता ने जन आंदोलन का रूप ले लिया है। स्वच्छता हमारे संस्कार और स्वभाव में है। हर व्यक्ति चाहता है कि हमारा घर साफ-सुथरा रहे। शहर भी हमारा घर है, इसे साफ रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में छत्तीसगढ़ को स्वच्छता में उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। इसमें शामिल हमारे 169 शहरों में से 115 ने अपनी रैंकिंग सुधारी है। राज्य की इस उपलब्धि में स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों का अमूल्य योगदान है जिसके लिए वे अभिनंदन के पात्र हैं।

बिल्हा की 28 स्वच्छता दीदियां घर-घर जाकर करती हैं कचरा संग्रहण

नगर पंचायत बिल्हा की आबादी लगभग 15 हजार है। वहां 28 स्वच्छता दीदियाँ काम कर रही हैं। वे शहर के 15 वार्डों में घर-घर जाकर ई-रिक्शा के माध्यम से कचरा संग्रहण करती हैं और फिर कचरे को एसआरएलएम सेंटर में ले जाकर गीला और सूखा कचरा पृथक करती हैं। गीले कचरे से खाद बनाई जाती है और सूखे कचरे को बेचकर ये महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं। बिल्हा में दस विशेष स्वच्छता कमांडोज भी नियुक्त किए गए हैं जो ट्रैक्टर और ऑटो टिपर से पूरे शहर में घूमकर कचरा सफाई और जन-जागरूकता का कार्य कर रहे हैं।