स्वतंत्र बोल
रायपुर 11 जून 2025. ठाकुर रामचंद्र स्वामी जैतूसाव मठ के कथित ट्रस्टियो की शिकायत एसएसपी रायपुर से की गई है। शिकायतकर्ता ने ट्रस्ट में अवैध रूप से जमे रसूखदारों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी अंतर्गत अपराध दर्ज करने निवेदन किया है। भगवन रामचंद्र स्वामी जैतूसाव मठ के जमीनों को अघोषित तौर पर उनके कथित ट्रस्टी कर रहे है। मठ के दतरेंगा स्थित साढ़े 17 एकड़ कृषि भूमि को अघोषित तौर पर ट्रस्टियो ने लाखो रूपये लेकर बिल्डर को बेच दिया। शिकायत अनुसार मठ के स्वयं भू को ट्रस्टियो को किसी भी प्रकार का प्रस्ताव पारित करने का अधिकार नहीं है, साल 2009 में जिला सत्र न्यायालय के आदेशानुसार ट्रस्ट भंग है। ट्रस्ट पंजी में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सत्यनारायण शर्मा, रमेश यदु, महंत रामसुंदर दास, सुरेश शुक्ला सहित अन्य का नाम ट्रस्ट पंजी में नहीं जुड़ा है, ट्रस्टी नहीं होने के बाद भी सभी मठ की बैठकों में शामिल होकर प्रस्ताव पारित कर रहे है।
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शिकायतकर्ता पुष्पेंद्र उपाध्याय के अनुसार जैतूसाव मठ में वैध और अवैध ट्रस्टियो के द्वारा भगवान् की संपत्ति का दोहन किया जा रहा है। स्वयं को ट्रस्टी बताने वाले रसूखदारों के द्वारा ट्रस्टी नहीं होने के बाद भी लेटर पेड छपवाकर गलत उपयोग किया जा रहा, तो भगवान् की जमीनों को बेचने लिखित में प्रस्ताव पारित किया गया है। साल 2025 में पंजीयक सार्वजानिक न्यास ने सभी के नाम जोड़ने वाले आवेदन को ख़ारिज कर दिया है, ऐसे में सीधे तोर पर धोखाधड़ी है।
भू-माफिया, किसान और बिल्डर सब लपेटे में-
दतरेंगा के मठ की जमीन में किसान साहू परिवार, जमीन कारोबारी हरमीत खनूजा, बिल्डर आनंद सिंघानिया सीधा लेनदेन हुआ है। स्वतंत्र बोल के पुष्ट सूत्रों के अनुसार हरमीत खनूजा ने उक्त जमीन का सौदा बाजार में लाया था, जिसे अविनाश ग्रुप के आनंद सिंघनिया ने ख़रीदा हैं। इसमें मठ प्रबंधन को कब्ज़ा छोड़ने के बदले 62 लाख रुपये पक्के में दिया गया तो दो ट्रस्टियो को करीब 2 करोड़ रुपये भी देने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार बिल्डर ने किसान को पैसा दिया जो हरमीत खनूजा के माध्यम से दो ट्रस्टियो को गया है, जिसका लेनदेन भी सामने आया है। बैंक ट्रॉंजक्शन की जाँच में स्पष्ट हो जायेगा।
