छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी का ‘स्लीपर सेल’ बेनकाब! एक-एक बैंक खाते से खुल रहे करोड़ों के खेल के राज

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध का ऐसा नेटवर्क सामने आया है, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। बिलासपुर पुलिस ने एक ऐसे “स्लीपर सेल नेटवर्क” का खुलासा किया है, जो देशभर में साइबर ठगी करने वाले गिरोहों के लिए बैंक खातों का इंतजाम करता था। इस मामले में पुलिस ने अंबिकापुर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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बताया जा रहा है कि आरोपी कमीशन के लालच में आम लोगों के बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे। इन्हीं खातों के जरिए देशभर में ठगी की रकम ट्रांसफर और निकाली जाती थी।

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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवनीत मिश्रा उर्फ विक्की पंडित, ऋषभ साहू और राजा घरानी के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनकी तकनीकी जांच जारी है।

पुलिस के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क साइबर अपराधियों के लिए “स्लीपर सेल” की तरह काम कर रहा था। आरोपी सीधे तौर पर ठगी नहीं करते थे, बल्कि बैंक खाते उपलब्ध कराकर बड़े साइबर गिरोहों की मदद करते थे।

जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी व्हाट्सएप और मोबाइल के जरिए बैंक खातों की जानकारी आपस में शेयर करते थे। पुलिस को अब तक ऐसे कई खाते मिले हैं, जिनका संबंध देशभर में दर्ज 60 से ज्यादा साइबर फ्रॉड मामलों से जुड़ा हुआ है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस को आशंका है कि इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी की रकम का लेनदेन हुआ है।

इस पूरे सिंडिकेट का खुलासा पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी दीपेश गुप्ता से मिले डिजिटल सबूतों के बाद हुआ। पुलिस ने जब उसके मोबाइल और डिजिटल डेटा की जांच की, तो कई संदिग्ध बैंक खातों और संपर्कों की जानकारी सामने आई। इसके बाद कार्रवाई करते हुए अंबिकापुर से तीनों आरोपियों को दबोच लिया गया।

फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों और अन्य संदिग्ध लोगों की गहन जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह के तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं।

तारबाहर पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।