प्रिंसिपल को सस्पेंड कर फंस गए कलेक्टर! हाईकोर्ट ने एक झटके में पलटा पूरा खेल

स्वतंत्र बोल
बिलासपुर, 19 मई 2026: छत्तीसगढ़ में एक प्रिंसिपल का निलंबन आदेश अब प्रशासनिक गलियारों में बड़ा सवाल बन गया है। बालोद कलेक्टर द्वारा जारी सस्पेंशन आदेश को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि जिस अधिकारी ने कार्रवाई की, वह इसके लिए सक्षम प्राधिकारी ही नहीं था।

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मामला गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल भिरई, ब्लॉक गुरूर, जिला बालोद में पदस्थ प्रिंसिपल पुरुषोत्तम कुमार साहू से जुड़ा है। उन्हें 7 मई 2026 को कलेक्टर बलोद द्वारा निलंबित कर दिया गया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए साहू ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

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सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पुरुषोत्तम कुमार साहू द्वितीय श्रेणी के राजपत्रित अधिकारी हैं। ऐसे में उनके खिलाफ निलंबन आदेश जारी करने का अधिकार कलेक्टर के पास नहीं है। वकील ने दलील दी कि यह कानून का स्थापित सिद्धांत है कि कलेक्टर किसी राजपत्रित द्वितीय श्रेणी अधिकारी को निलंबित नहीं कर सकता।

मामले की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच में हुई। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कलेक्टर बलोद द्वारा जारी 7 मई 2026 के निलंबन आदेश को रद्द कर दिया।

हालांकि कोर्ट ने राज्य सरकार को यह छूट भी दी है कि सक्षम प्राधिकारी चाहे तो नियमों के तहत नया आदेश जारी कर सकता है। लेकिन फिलहाल हाईकोर्ट के फैसले ने प्रशासनिक कार्रवाई पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है और सरकारी महकमे में इस फैसले की चर्चा तेज हो गई है।