पर्यटन के जरिए नई पहचान गढ़ेगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

स्वतंत्र बोल
रायपुर, 28 मई 2026: छत्तीसगढ़ में अब कुछ बड़ा होने वाला है। राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निवास कार्यालय में हुई एक हाईलेवल बैठक के बाद प्रदेश के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। दावा किया जा रहा है कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ देश के पर्यटन मानचित्र पर ऐसी पहचान बनाने जा रहा है, जिसकी अभी तक किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में हुई इस अहम बैठक में देश की प्रतिष्ठित इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड ने प्रदेश में 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की इच्छा जताई। बैठक के बाद यह संकेत साफ हो गए कि सरकार अब पर्यटन को सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे बड़े उद्योग और रोजगार के केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी में है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, घने जंगलों, पहाड़ों, जलप्रपातों और समृद्ध आदिवासी संस्कृति से भरपूर राज्य है, लेकिन इसकी असली पहचान अब तक दुनिया के सामने नहीं आ पाई है। सरकार का लक्ष्य अब छत्तीसगढ़ की इसी वास्तविक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर तक पहुंचाना है।

बैठक में यह भी सामने आया कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद प्रदेश में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं। सरकार अब आधुनिक होटल, बेहतर परिवहन, ठहराव सुविधाएं और पर्यटन अधोसंरचना विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

सबसे ज्यादा चर्चा इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के उस प्रस्ताव की रही, जिसमें कंपनी ने छत्तीसगढ़ में बड़े स्तर पर निवेश करने की योजना साझा की। सूत्रों के मुताबिक यह निवेश केवल होटल निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पर्यटन से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी काम हो सकता है। माना जा रहा है कि इससे हजारों युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकते हैं।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी साफ कहा कि राज्य सरकार ने निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया है। वहीं उद्योग विभाग के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाले उद्योगों को ‘बी-स्पोक पॉलिसी’ के तहत अतिरिक्त लाभ और विशेष प्रोत्साहन भी दिए जाएंगे।

बैठक में यह भी संकेत मिले कि सरकार अब पर्यटन क्षेत्र में सड़क संपर्क, आवासीय सुविधाओं और आधुनिक पर्यटक सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष फोकस कर रही है। प्रदेश की प्राकृतिक संपदा और बेहतर मानसूनी परिस्थितियों को पर्यटन विकास का मजबूत आधार माना जा रहा है।

बैठक में पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, निवेश आयुक्त ऋतु सेन, सचिव राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार और पर्यटन विभाग सचिव डॉ. एस. भारतीदासन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह निवेश सच में छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदल देगा, या फिर यह सिर्फ एक और बड़ा ऐलान बनकर रह जाएगा। फिलहाल राजधानी में हुई इस बैठक ने पर्यटन सेक्टर में नई हलचल जरूर पैदा कर दी है।