कोयले पर ₹25 और पैलेट पर ₹100 की वसूली: रायपुर कोर्ट पहुंचा 9500 पन्नों का चालान, 12 लोग आरोपी

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स्वतंत्र बोल
रायपुर 5 अक्टूबर 2026 :
रायपुर में 500 करोड़ रुपये से अधिक के कथित कोल लेवी मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने सोमवार को विशेष न्यायालय में करीब 9,500 पन्नों का छठा पूरक चालान पेश किया। इसमें 12 आरोपियों की भूमिका का उल्लेख किया गया है। चालान में कोयला परिवहन से ₹25 प्रति टन की कथित अवैध वसूली, रकम के वितरण और संपत्तियों में निवेश से जुड़े साक्ष्यों का विवरण दिया गया है। जांच में आयरन पैलेट के परिवहन से ₹100 प्रति टन की कथित वसूली का भी उल्लेख है।

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12 आरोपियों की भूमिका का जिक्र

EOW के पूरक चालान में राम गोपाल अग्रवाल, देवेंद्र यादव, विनोद तिवारी, रामप्रताप सिंह, चंद्रदेव राय, जयप्रकाश मौर्य, पियूष कुमार साहू, जोगेन्दर सिंह, अनुराग चौरसिया, दीपेश टांक, सुनील कुमार अग्रवाल और राहुल मिश्रा की भूमिका का उल्लेख किया गया है।

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जांच एजेंसी के मुताबिक, मामले में जब्त डायरियों, व्हाट्सऐप चैट, बैंक लेन-देन, संपत्ति दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका का विवरण तैयार किया गया है।

कोयला परिवहन पर ₹25 प्रति टन वसूली का आरोप

EOW की जांच के अनुसार, सूर्यकांत तिवारी ने तत्कालीन अधिकारियों और सहयोगियों के साथ मिलकर कोयला कारोबारियों और परिवहनकर्ताओं से ₹25 प्रति टन की दर से कथित अवैध वसूली की व्यवस्था बनाई थी।

जांच के मुताबिक, 15 जुलाई 2020 के आदेश के बाद कोयला परिवहन की अनुमति प्रक्रिया में जिला खनिज अधिकारी का अनुमोदन अनिवार्य किया गया। EOW का दावा है कि इस व्यवस्था के जरिए अवैध रकम की वसूली की जाती थी। अलग-अलग जिलों से रकम रायपुर पहुंचाए जाने और यहां उसका हिसाब रखने के बाद वितरण किए जाने का भी चालान में उल्लेख है।

डायरियों, चैट और बैंक लेन-देन से जांच आगे बढ़ी

पूर्व में पेश किए गए चालानों के बाद की जांच में कथित वसूली की रकम के इस्तेमाल से जुड़े कई दस्तावेज सामने आने का दावा किया गया है। इनमें राजनीतिक और व्यक्तिगत कार्यों में रकम खर्च करने के साथ जमीन, वाशरी और अन्य संपत्तियों में निवेश से जुड़े तथ्य शामिल हैं।

EOW ने जब्त डायरियों, व्हाट्सऐप चैट, बैंक लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों को जांच का आधार बनाया है।

15 जुलाई 2020 के आदेश से जुड़े डिजिटल साक्ष्य

जांच में अनुराग दीवान के जब्त मोबाइल से 15 जुलाई 2020 को जारी आदेश से संबंधित डिजिटल साक्ष्य मिलने का उल्लेख है। EOW के अनुसार, राजस्व हानि का आधार बताते हुए कोयला परिवहन की अनुमति प्रक्रिया में बदलाव किया गया और जिला खनिज अधिकारी की मंजूरी अनिवार्य की गई।

चालान में यह भी कहा गया है कि इसी दौरान सूर्यकांत तिवारी और उसके सहयोगी अलग-अलग जिलों में जाकर कोयला वसूली की व्यवस्था लागू कराने के लिए बैठकें कर रहे थे। उनके ठहरने के लिए संबंधित जिलों के विश्राम गृहों में सीएम हाउस के नाम से बुकिंग कराए जाने के साक्ष्यों का भी उल्लेख किया गया है।

बालको और अंबुजा के पत्राचार का भी जिक्र

पूरक चालान में बालको कंपनी से जुड़े ईमेल और पत्राचार का भी उल्लेख है। इसमें कथित लेवी भुगतान के कारण परिवहन बिलों में ₹25 प्रति टन की राशि को “Incidental Expenses” के रूप में जोड़े जाने की बात सामने आने का दावा किया गया है।

इसके अलावा 15 जुलाई 2020 के आदेश के बाद कोयला परिवहन के टीपी पास जारी किए जाने को लेकर अंबुजा कंपनी की ओर से खनिज विभाग को भेजे गए पत्र का भी चालान में उल्लेख है।

पैलेट परिवहन पर ₹100 प्रति टन वसूली का आरोप

EOW की विवेचना में कोयले के अलावा लौह अयस्क पैलेट के परिवहन से भी ₹100 प्रति टन की कथित अवैध वसूली का उल्लेख किया गया है।

जांच के अनुसार, लौह अयस्क और पैलेट परिवहन के लिए अभिवहन पास की व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव 14 दिसंबर 2021 को संचालनालय से शासन को भेजा गया था। इसके बाद 5 जनवरी 2022 के आदेश से सड़क और रेल मार्ग से परिवहन के लिए यह व्यवस्था लागू की गई।

EOW के मुताबिक, तत्कालीन संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म जयप्रकाश मौर्य की भूमिका की भी जांच की गई। चालान में पैलेट उद्योग से जुड़े लोगों को सूर्यकांत तिवारी या उसके लोगों को ₹100 प्रति टन देने के निर्देश दिए जाने के तथ्य मिलने का दावा किया गया है। कथित वसूली की प्रविष्टियां जब्त डायरियों में मिलने की बात भी कही गई है।

पहले एक मुख्य और पांच पूरक चालान हो चुके हैं पेश

EOW की ओर से इस मामले में पहले एक मुख्य चालान और पांच पूरक चालान विशेष न्यायालय में पेश किए जा चुके हैं। अब छठे पूरक चालान में जांच के दौरान सामने आए अतिरिक्त दस्तावेजों और साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा गया है।

चालान में लगाए गए आरोप जांच एजेंसी के दावे हैं। इन आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।