10 गुना मुनाफे पर लगा ब्रेक! जानिए कब से लागू होंगी कैंसर की 110 सस्ती दवाओं की नई दरें

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स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 9 अक्टूबर 2026: 
केंद्र सरकार ने कैंसर के महंगे इलाज से जूझ रहे लाखों परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत देते हुए कैंसर की दवाओं पर ट्रेड मार्जिन 30 फीसदी तक सीमित करने का फैसला किया है. इस नए नियम से कैंसर की 110 दवाओं की कीमतें घट सकती हैं और कुछ दवाएं 70 फीसदी तक सस्ती हो सकती हैं. सरकार के अनुमान के मुताबिक, इसी महीने लागू होने जा रही इस नई व्यवस्था से देशभर के कैंसर मरीजों के सालाना करीब 2500 करोड़ रुपये बचेंगे.

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2700 रुपये की दवा 27 हजार में बेचने का खेल होगा खत्म

कैंसर की दवाओं के खुदरा विक्रेता मूल्य (PTR) और अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) के बीच भारी अंतर को लेकर सवाल उठते रहे हैं. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने 29 सितंबर को एक मामले की सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि जो दवा विक्रेता को 2700 रुपये में मिलती है, उसकी एमआरपी 27 हजार रुपये रखी जाती है, यानी 10 गुना ज्यादा मार्जिन वसूला जा रहा है, जो सीधे तौर पर लूट है. हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) वर्ष 2019 से ही इस नीति पर काम कर रही थी, जिसे अब 42 दवाओं से बढ़ाकर 110 दवाओं पर लागू किया जा रहा है.

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35 पेटेंट वाली दवाओं पर भी समिति करेगी काम

कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 35 पेटेंट दवाएं बेहद महंगी होती हैं. नई व्यवस्था के तहत एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जो ब्रांडेड, जेनेरिक, घरेलू और आयातित दवाओं की सूची और उनकी संशोधित दरें तय करेगी. यह नई दरें खुदरा दुकानों के साथ-साथ निजी व सरकारी अस्पतालों में भी अनिवार्य रूप से लागू होंगी.

मध्यप्रदेश में हर दिन 133 मौतें, मरीजों को मिलेगी संजीवनी

कैंसर का बढ़ता दायरा चिंताजनक है. वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश में कैंसर के 88,297 नए मामले दर्ज किए गए थे और 48,694 लोगों की मौत हुई थी, यानी औसतन हर दिन 133 मरीजों ने दम तोड़ा. मध्य प्रदेश नए मरीजों के मामले में देश के टॉप 10 राज्यों में और मौतों के मामले में 7वें स्थान पर है. इंदौर, जबलपुर, रीवा और ग्वालियर जैसे शहरों में सरकारी स्तर पर कैंसर इलाज की मशीनें पहुंचने के बाद भी अधिकांश मरीज निजी अस्पतालों के महंगे खर्च पर निर्भर हैं. ऐसे में दवाओं के रेट घटने से मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ काफी कम होगा.

नई नोटिफिकेशन का इंतजार, डॉक्टर की सलाह अनिवार्य

फिलहाल स्वास्थ्य मंत्रालय और एनपीपीए द्वारा 110 दवाओं की अंतिम सूची और लागू होने की आधिकारिक तारीख का नोटिफिकेशन जारी होना बाकी है. विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि भले ही दवाएं सस्ती होने जा रही हों, लेकिन मरीज अपनी जारी दवा को बिना अपने डॉक्टर की सलाह के खुद से बंद न करें और न ही उसमें कोई बदलाव करें.