स्वतंत्रत बोल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित BRICS समिट 2026 की कई तस्वीरें साझा कीं। इसमें एक खास तस्वीर में पीएम मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का हाथ थामे नजर आए। इस मुलाकात ने BRICS के तीसरे दशक में प्रवेश करने के साथ ही इसके बदलते वैश्विक समीकरणों की झलक दिखाई है। भारत की अध्यक्षता में हो रहे इस दो दिवसीय सम्मेलन में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सदस्य देश शनिवार सुबह एक महत्वपूर्ण साझा समझौते पर सहमत हो गए हैं।
वैश्विक संकटों के बीच कूटनीतिक तालमेल
नई दिल्ली में यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया कई बड़े संकटों से गुजर रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया का तनाव, होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी और अमेरिका की नई ट्रेड व टैरिफ नीतियां वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं। इस माहौल में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” रखी गई है। सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी, व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग के बीच दिखा व्यक्तिगत तालमेल खासा चर्चा में रहा। बीते तीन वर्षों में इन तीनों नेताओं की यह तीसरी मुलाकात है।
रातभर चली बातचीत और मिली बड़ी सफलता
सम्मेलन के दौरान भारत को एक बड़ी कूटनीतिक कामयाबी हासिल हुई। ब्रिक्स के सदस्य देश कई विवादित मुद्दों पर अलग-अलग राय रखते थे। इन मतभेदों को दूर करने के लिए भारतीय राजनयिकों ने शनिवार तड़के 4 बजे तक लगातार बातचीत की। इस मैराथन बैठक के बाद सभी देश एक साझा घोषणापत्र और समझौते पर आम सहमति बनाने में सफल रहे।
वैश्विक दिग्गजों और वैश्विक संगठनों की मौजूदगी
पीएम मोदी ने अन्य राष्ट्राध्यक्षों के साथ भी तस्वीरें साझा की हैं। एक तस्वीर में वे इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो के साथ बात करते दिख रहे हैं, जबकि पुतिन उनके पास खड़े हैं। समिट में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, मलेशिया के पीएम अनवर इब्राहिम, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, इथियोपिया के पीएम अबी अहमद अली, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी और वियतनाम के पीएम ले मिन्ह हंग शामिल हुए हैं। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र (UN), विश्व व्यापार संगठन (WTO), विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), न्यू डेवलपमेंट बैंक और AIIB के प्रमुख भी बैठक का हिस्सा बने।


