रायपुर। छत्तीसगढ़ राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 24 के अंतर्गत अब तक जारी सभी अधिसूचनाओं को रद्द कर दिया है। यह आदेश 1 जनवरी 2024 से प्रभावी होगा। इस कदम का उद्देश्य पुराने नियमों को समाप्त कर अधिकारियों को नए सिरे से अधिकार प्रदान करना है।
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नवीन अधिसूचना के अनुसार उपखंड अधिकारियों को कलेक्टर के समान अधिकार दिए गए हैं, जो केवल कलेक्टर द्वारा निर्धारित सीमाओं में प्रभावी होंगे। नगरीय भूमि से जुड़ी शक्तियां नजूल अधिकारी (संयुक्त या डिप्टी कलेक्टर) को सौंपी गई हैं, जिनके आदेशों की अपील कलेक्टर के पास होगी।
तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों और भू-अभिलेख अधिकारियों को उनके कलेक्टर से आबंटित क्षेत्राधिकार के भीतर व्यापक अधिकार दिए गए हैं। अधिसूचना में पंचायत राज अधिनियम, लोक निर्माण विभाग, विक्रय कर, वन विभाग, आबकारी विभाग, जल संसाधन विभाग, विद्युत मंडल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को भी उनके क्षेत्राधिकार में आवश्यक शक्तियां सौंपे जाने का उल्लेख है।
यह परिवर्तन छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है, जिससे भू-राजस्व मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और राज्य शासन के निर्णयों का बेहतर क्रियान्वयन होगा।
