आज से जेब पर डबल अटैक: पेट्रोल, शराब, गैस महंगी… लेकिन रजिस्ट्री सस्ती, नए नियमों ने लोगों को किया कन्फ्यूज

स्वतंत्र बोल
रायपुर, 01 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही आज से ऐसे बड़े बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने वाला है। एक ओर जहां कुछ फैसलों ने राहत दी है, वहीं दूसरी ओर कई बदलावों ने खर्च बढ़ाकर लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

प्रदेश में सबसे बड़ी राहत जमीन खरीदने वालों को मिली है। स्टाम्प ड्यूटी पर लगने वाला 12% सरचार्ज खत्म कर दिया गया है, जिससे अब प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री सस्ती हो गई है। यानी घर या जमीन खरीदने का सपना देखने वालों के लिए यह सही समय माना जा रहा है। लेकिन इसी के साथ दूसरी तरफ महंगाई ने जोरदार झटका दिया है।

आज से पेट्रोल के दाम में एक रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो गई है, जिससे रोजाना सफर करने वालों का खर्च बढ़ना तय है। वहीं शराब पीने वालों को भी अब ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे, क्योंकि विदेशी अंग्रेजी शराब और बियर दोनों के दाम बढ़ा दिए गए हैं। कई लोकप्रिय ब्रांड्स के रेट में साफ बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा।

सिर्फ यहीं नहीं, कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर भी महंगा हो गया है। राजधानी रायपुर में इसकी कीमत बढ़कर करीब ₹2300 तक पहुंच गई है। इसका असर होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा व्यवसाय पर पड़ेगा, जो अंततः आम लोगों की जेब पर ही बोझ बढ़ाएगा। आने वाले दिनों में चाय-नाश्ता, खाना और कैटरिंग सेवाएं महंगी हो सकती हैं।

हाईवे पर सफर करने वालों के लिए भी अब राहत नहीं है। टोल टैक्स की दरों में बढ़ोतरी कर दी गई है और सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब टोल प्लाजा पर कैश भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब सिर्फ FASTag या UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से ही भुगतान किया जा सकेगा। ऐसे में जिनके पास FASTag नहीं है या बैलेंस नहीं है, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

देशभर में टैक्स सिस्टम में भी बड़ा बदलाव किया गया है। आज से नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू हो गया है, जिसने पुराने 1961 के कानून की जगह ले ली है। अब ‘वित्तीय वर्ष’ और ‘आकलन वर्ष’ की जटिलता खत्म कर दी गई है और उसकी जगह सिर्फ ‘टैक्स वर्ष’ लागू किया गया है, जिससे प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश की गई है। साथ ही ITR फाइल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है, जिससे करदाताओं को राहत मिली है।

रेलवे यात्रियों के लिए भी नियम सख्त कर दिए गए हैं। अब ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर ही रिफंड मिलेगा, जबकि पहले यह सीमा 4 घंटे थी। हालांकि बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक जारी रहेगी। इस बदलाव से जहां फर्जी बुकिंग पर रोक लगेगी, वहीं देर से टिकट कैंसिल करने वालों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, 1 अप्रैल से लागू हुए ये बदलाव एक तरफ राहत और दूसरी तरफ महंगाई का मिला-जुला असर लेकर आए हैं। अब देखना यह होगा कि लोग इन नए नियमों के साथ कितनी जल्दी खुद को ढाल पाते हैं, क्योंकि इतना तय है कि इन फैसलों ने आम जिंदगी की गणित को पूरी तरह बदल कर रख दिया है।