अग्निपथ अब पक्कापथ: पहले बैच के 18,300 अग्निवीर नहीं होंगे बाहर, 6 साल की सेवा के बाद सभी हो सकेंगे परमानेंट

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स्वतंत्र बोल
रायपुर 5 नवंबर 2026:
सेना में जवानों की भर्ती के लिए जून 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब चार साल की सेवा के बाद 75% अग्निवीरों को सेना से बाहर करने के अनिवार्य प्रावधान में बदलाव कर दिया गया है। ऐसे सभी अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा काल दिया जाएगा। छह साल की कुल सेवा पूरी होने पर इच्छुक और योग्य अग्निवीरों को नियमित (स्थायी) सैनिक बनने का अवसर मिलेगा।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इन बदलावों को मंजूरी दी गई। इसके बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन निर्णयों की घोषणा की। यह ऐतिहासिक बदलाव ऐसे समय किया गया है जब पहले बैच के 75% यानी 18,300 अग्निवीर 4 साल का कार्यकाल पूरा कर 31 दिसंबर तक बाहर होने वाले थे।

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4 साल की सेवा पर क्या होंगे नियम?

घोषणा के मुताबिक, 4 साल पूरे होने पर 25% अग्निवीर पहले की तरह सीधे परमानेंट कैडर में नियमित होते रहेंगे। बाकी 75% अग्निवीरों को 2 साल का अतिरिक्त सेवा काल (एंगेजमेंट पीरियड) मिलेगा। 6 साल पूरे होने पर जो अग्निवीर सेना में बने रहना चाहेंगे, उन्हें शारीरिक फिटनेस, मनोबल, अनुशासन और तय मूल्यांकन मानकों के आधार पर नियमित सैनिक बनाया जाएगा। दूसरे चरण में चयन की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है, यानी अगर 75% में शामिल सभी अग्निवीर तय मानकों पर खरे उतरते हैं, तो सभी नियमित हो सकेंगे। जो अग्निवीर 4 साल बाद बाहर होना चाहेंगे, उनके पास एग्जिट का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।

5वें और 6वें साल में कितना मिलेगा वेतन?

दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि के दौरान अग्निवीरों के वेतन में भी बढ़ोतरी होगी

  • 5वां वर्ष: 43,500 रुपये प्रति माह

  • 6ठा वर्ष: 47,500 रुपये प्रति माह

इसके साथ ही सेवा निधि कॉर्पस फंड में भी सरकारी योगदान बढ़ाने का फैसला किया गया है। 5वें साल में अग्निवीर के मासिक योगदान (13,050 रुपये) का 70% अतिरिक्त अंशदान (22,185 रुपये) सरकार की ओर से दिया जा सकता है। इससे पहले 4 साल की सेवा पर अग्निवीरों को ब्याज सहित 11.71 लाख रुपये की सेवा निधि मिलती थी।

वरिष्ठता, पेंशन और नई भर्ती पर स्थिति

सीडीएस ने स्पष्ट किया कि तीनों सेनाओं में चल रही नई अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया जारी रहेगी और यह बंद नहीं होगी। वर्तमान में तीनों सेनाओं में लगभग 3 लाख अग्निवीर कार्यरत हैं।

  • वरिष्ठता (Seniority): 4 साल बाद सीधे नियमित हुए 25% सैनिक 6 साल बाद नियमित होने वाले सैनिकों से वरिष्ठ रहेंगे।

  • पेंशन और सेवा लाभ: 6 साल बाद जो अग्निवीर नियमित सैनिक बनेंगे, उन्हें पुरानी व्यवस्था की तरह ही नियमित सैन्य सेवा की शर्तों के तहत पेंशन, सेवाकाल और अन्य सभी सुविधाएं बाकी सैनिकों की तरह मिलेंगी।