धमतरी में शुरू हुआ 60 करोड़ का कृषि क्रांति मॉडल! 30 हजार मीट्रिक टन का नया भंडारण नेटवर्क बदल देगा किसानों की किस्मत

स्वतंत्र बोल
रायपुर ,6 जुन 2026: छत्तीसगढ़ का धान का कटोरा कहे जाने वाला धमतरी अब केवल कृषि उत्पादन के लिए नहीं, बल्कि एक बड़े कृषि-व्यापार और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान बनाने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। रिकॉर्ड उपार्जन, करोड़ों रुपये के भुगतान, आधुनिक गोदामों के निर्माण और ब्रॉडगेज रेल कनेक्टिविटी की तैयारी ने जिले के आर्थिक भविष्य की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है।

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कभी भंडारण की कमी से परेशान रहने वाला धमतरी अब 30 हजार मीट्रिक टन की अतिरिक्त वैज्ञानिक भंडारण क्षमता विकसित कर रहा है। राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और छत्तीसगढ़ राज्य भंडारण गृह निगम (SWC) के संयुक्त प्रयासों से तैयार हो रही यह अधोसंरचना आने वाले समय में जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने वाली है।

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दरअसल, पिछले वर्षों में धमतरी ने रबी फसलों, विशेषकर चने के उत्पादन और खरीदी में रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन पर्याप्त गोदाम नहीं होने के कारण उपज को दूसरे जिलों में भेजना पड़ता था, जिससे किसानों और प्रशासन दोनों को अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या को अवसर में बदलते हुए जिले में स्थायी और आधुनिक भंडारण व्यवस्था विकसित करने की व्यापक योजना बनाई गई।

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना” के तहत धमतरी जिले की चार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों—अंवरी, कोसमर्रा, पोटियाडीह-आमदी और कोलियारी—का चयन किया गया है। इन सभी स्थानों पर 2500-2500 मीट्रिक टन क्षमता वाले आधुनिक गोदामों का निर्माण तेजी से जारी है। इनके पूरा होने पर ग्रामीण क्षेत्रों में ही 10 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।

इसके अलावा राज्य भंडारण गृह निगम द्वारा धमतरी और कुरूद में 10-10 हजार मीट्रिक टन क्षमता के दो विशाल गोदाम विकसित किए जा रहे हैं। पहले से मौजूद केंद्रीय भंडारण निगम की एक लाख मीट्रिक टन से अधिक क्षमता के साथ यह नेटवर्क जिले को भंडारण के क्षेत्र में नई ताकत प्रदान करेगा।

भंडारण क्षमता बढ़ाने का फैसला जिले में लगातार बढ़ रही कृषि समृद्धि को देखते हुए लिया गया है। रबी विपणन वर्ष 2026 में जिले के 9,103 किसानों से 1 लाख 16 हजार 162 क्विंटल चने की रिकॉर्ड खरीदी की गई है। इसके एवज में 60 करोड़ 54 लाख रुपये किसानों के खातों में भुगतान की प्रक्रिया जारी है। चना के साथ-साथ सरसों और मसूर की खरीदी भी सफलतापूर्वक की गई है।

धमतरी की अर्थव्यवस्था को नई गति देने में ब्रॉडगेज रेल लाइन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है। रेल रैक संचालन शुरू होने के बाद यहां का चावल और अन्य कृषि उत्पाद कम लागत में देश के बड़े बाजारों तक पहुंच सकेंगे। इससे परिवहन खर्च घटेगा और किसानों तथा व्यापारियों को बेहतर लाभ मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि वेयरहाउसिंग नेटवर्क और रेल कनेक्टिविटी का यह संयोजन धमतरी को आने वाले वर्षों में प्रदेश के प्रमुख कृषि-व्यापार और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित कर सकता है। इससे न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि व्यापार, परिवहन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।

धमतरी की यह विकास यात्रा इस बात का उदाहरण बन रही है कि यदि समय पर सही अधोसंरचना विकसित की जाए तो एक पूरे जिले की आर्थिक तस्वीर बदली जा सकती है। आधुनिक भंडारण व्यवस्था, रिकॉर्ड कृषि खरीदी और बेहतर परिवहन नेटवर्क के साथ अब धमतरी एक नई आर्थिक उड़ान भरने की तैयारी में है।