स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 7 नवंबर 2026: देश में दिवाली से ठीक पहले शेयर बाजार ने निवेशकों को जमकर कमाई कराई है। त्योहारी सीजन के बीच पिछले 7 कारोबारी दिनों में सेंसेक्स और निफ्टी में 10 फीसदी से ज्यादा का उछाल देखने को मिला है, जो पिछले 35 वर्षों का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में 1992 में ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ सत्र की शुरुआत के बाद से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, यह पहला मौका है जब दिवाली से पहले के 7 दिनों में दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों में इतनी बड़ी तेजी दर्ज की गई है।
सेंसेक्स 81 हजार और निफ्टी 25 हजार के पार
दिवाली से पहले के सात कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 81,000 के स्तर को पार कर गया, जिसमें 10.6 प्रतिशत यानी 7,782 अंकों की भारी बढ़त देखी गई। वहीं, निफ्टी भी 25,000 के स्तर को पार करते हुए 10.3 प्रतिशत यानी 2,331 अंक ऊपर चढ़ गया। शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई और ये क्रमशः 81,028 और 25,030 के स्तर पर बंद हुए। इससे पहले, दिवाली से ठीक पहले के सात दिनों में निफ्टी का सबसे अच्छा प्रदर्शन 1993 में दर्ज किया गया था, जब इसमें 7.5 प्रतिशत की तेजी आई थी।
क्यों आई शेयर बाजार में इतनी बड़ी तेजी?
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि घरेलू बाजार में यह सकारात्मक रुख कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू खबरों के कारण आया है। सरकार फरवरी 2027 में आने वाले बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स (STCG) टैक्स पर फिर से विचार कर सकती है। इसके अलावा, अमेरिकी चुनावों के परिणामों और पश्चिम एशिया के संघर्ष को लेकर राहत की उम्मीदों ने ग्लोबल स्तर पर बाजार को समर्थन दिया है। इस हफ्ते की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 10 प्रतिशत से अधिक गिरकर 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं। साथ ही, अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड भी घटकर 4.8 प्रतिशत के स्तर पर आ गई है। जानकारों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतें और गिरने से भारतीय रुपए को मजबूती मिल सकती है, जिससे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का प्रवाह घरेलू बाजार में तेजी से लौट रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले छह कारोबारी दिनों में से पांच दिन विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) शुद्ध खरीदार रहे और उन्होंने 18,661 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
हालांकि इस रिकॉर्डतोड़ तेजी के बीच बाजार विशेषज्ञों ने कुछ चुनिंदा चुनौतियों का भी जिक्र किया है। वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की दौड़ और अन्य उभरते बाजारों से मिल रही टक्कर के कारण भारत में आने वाला संभावित विदेशी निवेश सीमित हो सकता है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि यह तेजी मजबूत होकर बनी रह सकती है, क्योंकि कई लार्ज-कैप शेयरों में शॉर्ट कवरिंग देखने को मिल रही है और प्रमुख फाइनेंशियल स्टॉक्स में अभी और ऊपर जाने की गुंजाइश है। वहीं, तकनीकी जानकारों का मानना है कि निफ्टी के लिए 24,400 से 24,300 का दायरा मजबूत सपोर्ट जोन है और इस स्तर से ऊपर टिके रहने पर बाजार का बुलिश मोमेंटम बरकरार रहेगा।


