इलाज कराने से पहले चेक कर लें लिस्ट: एमपी सरकार ने 65 अस्पतालों को आयुष्मान से हटाया

Patient discussing insurance at …

स्वतंत्र बोल
इंदौर 9 अक्टूबर 2026:
मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत ‘निरामयम्’ योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों के लिए अहम अपडेट है। राज्य सरकार ने नियमों और निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करने वाले 65 अस्पतालों को योजना से बाहर करने का फैसला लिया है। इनमें इंदौर के अस्पताल भी शामिल हैं। इस फैसले के बाद संबंधित अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत इलाज की सुविधा नहीं मिलेगी।

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8 अक्टूबर की बैठक में लिया गया फैसला

अस्पतालों को योजना से हटाने का निर्णय 8 अक्टूबर को दीनदयाल स्वास्थ्य सुरक्षा परिषद की राज्य इम्पैनलमेंट कमेटी की बैठक में लिया गया। जांच में सामने आई कमियों और निर्धारित शर्तें पूरी नहीं करने के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

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जानकारी के मुताबिक, कुछ अस्पताल तय समय में आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज नहीं कर रहे थे। वहीं, कई अस्पताल राष्ट्रीय अस्पताल प्रत्यायन बोर्ड (NABH) की मान्यता से जुड़ी अनिवार्य शर्तें पूरी नहीं कर पाए।

मान्यता की शर्तें पूरी नहीं करने पर 60 अस्पतालों पर कार्रवाई

कुल 65 अस्पतालों में से 60 के खिलाफ NABH की मान्यता से जुड़ी अनिवार्य शर्तों का पालन नहीं करने के कारण कार्रवाई की गई है। इस सूची में इंदौर के अलावा भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और अन्य जिलों के अस्पताल भी शामिल हैं।

इंदौर के अस्पतालों के नाम

उपलब्ध जानकारी में इंदौर के जिन अस्पतालों के नाम कार्रवाई की सूची में दिए गए हैं, वे इस प्रकार हैं:

  1. सेवाकुंज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर
  2. चोइथराम नेत्रालय
  3. पाथ हॉस्पिटल
  4. लक्ष्मी मेमोरियल हॉस्पिटल
  5. गीताभवन हॉस्पिटल
  6. दर्श हॉस्पिटल
  7. मेक्रेटिना हॉस्पिटल
  8. गुरुजी हॉस्पिटल
  9. एसएमएस इमरजेंसी हॉस्पिटल
  10. बांठिया हॉस्पिटल
  11. एमएम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर
  12. वर्मा यूनियन हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड
  13. खंडेलवाल हॉस्पिटल
  14. मोहक हेटिज स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल
  15. मेडिस्टा हॉस्पिटल
  16. मेवाड़ा मेडिकेयर एंड आई केयर हॉस्पिटल
  17. एथ्रोस क्लिनिक
  18. चरक हॉस्पिटल
  19. ओटू हॉस्पिटल
  20. मेडिप्लस हॉस्पिटल

छह महीने से इलाज नहीं देने वाले पांच अस्पताल भी सूची से बाहर

कार्रवाई की दूसरी श्रेणी में पांच अस्पताल शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, इन अस्पतालों में पिछले छह महीनों से आयुष्मान योजना के हितग्राहियों को उपचार नहीं दिया गया था। इसी वजह से इन्हें भी योजना से अलग करने का फैसला लिया गया।

इन अस्पतालों के नाम हैं:

  • शाल्या जॉइंट केयर, भोपाल
  • मेट्रो न्यूरो हॉस्पिटल, ग्वालियर
  • रामनिवास आयरन हॉस्पिटल, नीमच
  • श्री डीपी केयर हॉस्पिटल, शाजापुर
  • न्यू सिटी हॉस्पिटल, टीकमगढ़

आयुष्मान योजना के नियमों पर सख्ती

इस कार्रवाई का उद्देश्य योजना के तहत मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं में लापरवाही रोकना और अस्पतालों को निर्धारित मानकों के प्रति जवाबदेह बनाना है। आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों को तय पात्रता, उपचार संबंधी दायित्वों और मान्यता के नियमों का पालन करना होता है। इन शर्तों को पूरा नहीं करने पर अस्पतालों को योजना से बाहर किया जा सकता है।