स्वतंत्र बोल
रायपुर 13 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता आशा के आठ महीने के एक शावक की मौत हो गई है। पार्क प्रबंधन के मुताबिक, सोमवार सुबह नियमित निगरानी के दौरान आशा अपने पांच शावकों में से चार के साथ दिखाई दी। एक शावक के गायब मिलने पर उसकी तलाश शुरू की गई। बाद में टीम को उसका शव मिला। मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी।
निगरानी के दौरान गायब मिला शावक
कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन ने 12 अक्टूबर को जारी प्रेस नोट में शावक की मौत की पुष्टि की। जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह नियमित निगरानी के दौरान आशा के साथ चार शावक दिखाई दिए। पांचवां शावक नजर नहीं आया तो टीम ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के बाद वह मृत मिला।
आशा ने फरवरी में पांच शावकों को जन्म दिया था। एक शावक की मौत के बाद अब उसके चार शावक बचे हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगी मौत की वजह
पार्क प्रबंधन के मुताबिक, शावक की मौत का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है। सही वजह का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण की जानकारी मिल सकेगी।
कूनो में अब 53 चीते
पार्क प्रबंधन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, शावक की मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या घटकर 53 रह गई है। इनमें भारत में जन्मे 40 चीते शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, इनमें से 15 चीते जंगल में घूम रहे हैं।
देश में चीतों की कुल संख्या 59
कूनो के अलावा गांधी सागर अभयारण्य में चार और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीते मौजूद हैं। इस तरह दी गई जानकारी के मुताबिक, देश में चीतों की कुल संख्या 59 रह गई है।
हाल ही में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों को छोड़ा था। इसके साथ ही बुंदेलखंड क्षेत्र में करीब 100 साल बाद चीतों की वापसी हुई है।


