रायपुर में प्लॉट खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर, रेरा ने इस प्रोजेक्ट पर लिया कड़ा एक्शन

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स्वतंत्र बोल
रायपुर 7 अक्टूबर 2026:
 छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने रायपुर के महागणपति डेव्हलपर्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. बिना रेरा पंजीयन के भूखंड बेचने के मामले में प्राधिकरण ने विकासकर्ता पर 8 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है. इसके साथ ही संबंधित परियोजना को RERA अधिनियम के तहत जल्द से जल्द पंजीकृत कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं.

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बिना पंजीयन बेचे जा रहे थे प्लॉट

जांच में यह तथ्य सामने आया कि महागणपति डेव्हलपर्स द्वारा एक प्लॉटेड ले-आउट परियोजना विकसित कर भूखंडों का विक्रय किया जा रहा था. इस परियोजना का CGRERA में पंजीयन नहीं कराया गया था. भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3 के तहत बिना पंजीयन के किसी भी भू-संपदा परियोजना का विज्ञापन, बुकिंग या विक्रय पूरी तरह प्रतिबंधित है.

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रेरा ने स्वप्रेरणा से दर्ज किया मामला

मामला सामने आने पर CGRERA ने स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए महागणपति डेव्हलपर्स के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया. प्रकरण की सुनवाई और दस्तावेजों के गहन परीक्षण के बाद प्राधिकरण ने इसे नियमों का स्पष्ट उल्लंघन पाया. इसके बाद विकासकर्ता पर 8 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया गया.

खरीददारों के हितों की सुरक्षा का हवाला

प्राधिकरण ने बिल्डर को परियोजना का पंजीयन कराने का आदेश दिया है ताकि निर्माण और बिक्री वैधानिक प्रावधानों के अनुसार हो सके. इससे आवंटियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी. CGRERA ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीयन के भूखंड या इकाई बेचने वाले दोषी प्रमोटरों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.