स्वतंत्र बोल
रायपुर 5 अक्टूबर 2026: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान रविवार को रायपुर पहुंचे। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। रायपुर में आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम में शिरकत करने आए चिराग पासवान ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी पार्टी जल्द ही छत्तीसगढ़ में अपनी राज्य इकाई का गठन करेगी। इसके बाद प्रदेश स्तर पर संगठन को मजबूत बनाकर पदाधिकारियों की नियुक्तियां की जाएंगी। उन्होंने यह भी साफ संकेत दिए कि संगठन खड़ा होने के बाद एलजेपी छत्तीसगढ़ के आगामी चुनावों में अपनी सियासी मौजूदगी दर्ज कराएगी।
पहले संगठन की मजबूती, फिर तय होंगी चुनावी सीटें
रायपुर दौरे के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए चिराग पासवान ने अपनी पार्टी की रणनीति साझा की। उन्होंने कहा कि फिलहाल पार्टी का प्राथमिक लक्ष्य छत्तीसगढ़ में एक मजबूत और व्यावहारिक संगठन तैयार करना है। राज्य इकाई का गठन पूरा होने के बाद जिला और ब्लॉक स्तर तक संगठन का विस्तार किया जाएगा। चुनावों में किस्मत आजमाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी चुनाव जरूर लड़ेगी, लेकिन कितनी सीटों पर प्रत्याशी उतारे जाएंगे, इसका फैसला संगठन के विस्तार और तत्कालीन परिस्थितियों का आकलन करने के बाद ही लिया जाएगा।
युवाओं के जरिए छत्तीसगढ़ में जमीन तलाशने की कवायद
रायपुर में हुए ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम को प्रदेश में एलजेपी के राजनीतिक विस्तार की पहली सीढ़ी माना जा रहा है। चिराग पासवान ने कहा कि किसी भी राज्य की राजनीति में युवाओं की भूमिका सबसे अहम होती है और उनकी पार्टी सीधे युवाओं से जुड़ना चाहती है। युवाओं की समस्याओं, अपेक्षाओं और उम्मीदों को समझे बिना आगे की रणनीति नहीं बनाई जा सकती। यही वजह है कि पार्टी लगातार युवाओं के बीच जाकर संवाद कर रही है और इसी फॉर्मूले पर छत्तीसगढ़ में भी अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत की जाएगी।
चुनाव आयोग और कांग्रेस पर चिराग का तीखा हमला
सियासी मुद्दों पर बात करते हुए चिराग पासवान ने चुनाव आयोग (ECI) और मतदाता सूची विवाद पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता को चुनावी प्रक्रिया पर संदेह है, तो आयोग को उसका विश्वास जीतना चाहिए। हालांकि, नाम हटाए जाने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि अगर बड़े पैमाने पर आम लोगों के नाम हटते तो उसका व्यापक असर सड़क पर आंदोलनों के रूप में दिखता। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर विपक्ष को चुनाव प्रक्रिया पर इतना ही अविश्वास है, तो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे आगामी चुनाव लड़ेंगे या प्रक्रिया से खुद को अलग करेंगे।
इधर, 540 करोड़ के कोल लेवी घोटाले में विधायक देवेंद्र यादव को कोर्ट का समन
चिराग पासवान के दौरे से गरमाए सियासी माहौल के बीच प्रदेश में एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। लगभग 540 करोड़ रुपये के बहुचर्चित कथित कोल लेवी घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को समन जारी किया है। ईओडब्ल्यू ने उन्हें 5 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे रायपुर स्थित विशेष अदालत में उपस्थित होने के लिए कहा है। जांच एजेंसी मामले में जांच पूरी कर आरोप पत्र पेश करने की तैयारी में है। वहीं, विधायक देवेंद्र यादव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है।


