फेस्टिव सीजन से ठीक पहले झटका: 1 अक्टूबर से 8% तक महंगे होंगे AC, फ्रिज और TV; देखें पूरी रेट लिस्ट

Untitled

स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 28 सितंबर 2026:
 आगामी 1 अक्टूबर से एयर-कंडीशनर (AC), रेफ्रिजरेटर, टीवी और वाशिंग मशीन समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद महंगे होने जा रहे हैं। कॉपर और स्टील जैसी कच्ची सामग्रियों की वैश्विक कीमतों में तेजी तथा पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण मुद्रा में उतार-चढ़ाव को देखते हुए उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां अपने उत्पादों के दाम 5 से 8 प्रतिशत तक बढ़ाने की तैयारी कर चुकी हैं। चालू कैलेंडर वर्ष 2026 में यह तीसरा मौका है जब कंपनियां अपने कंज्यूमर ड्यूरेबल्स उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी कर रही हैं।

ad

एसी पर सबसे ज्यादा असर, वाशिंग मशीन और फ्रिज भी होंगे महंगे

उद्योग के अनुमानों के मुताबिक कंपनियां एयर-कंडीशनर (AC) की कीमतों में सबसे ज्यादा 5 से 8 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने वाली हैं। इसके अलावा वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर और एलईडी (LED) टीवी की कीमतों में भी कंपनियों ने 3 से 4 प्रतिशत तक वृद्धि करने का फैसला किया है। यद्यपि कुछ कंपनियों को आशंका है कि इस मूल्य वृद्धि से आगामी त्योहारों की मांग पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, वहीं अन्य कंपनियों का मानना है कि बिक्री पर इसका असर बहुत मामूली होगा क्योंकि डीलरों और डिस्ट्रीब्यूटरों ने अगस्त व सितंबर में पुरानी दरों पर बुकिंग कर पर्याप्त इन्वेंट्री पहले ही स्टॉक कर ली है।

youtube

ब्लू स्टार, गोदरेज और हायर समेत इन ब्रांड्स ने घोषित किए नए दाम

ब्लू स्टार, गोदरेज अप्लायंसेज, हायर, डाइकिन और सुपर प्लास्ट्रोनिक्स ने अलग-अलग उत्पाद श्रेणियों में 4 से 10 प्रतिशत तक दाम बढ़ाने का पहले ही ऐलान कर दिया है। सूत्रों के अनुसार एलजी और बॉश होम कम्फर्ट (जिसके पास हिताची ब्रांडेड एयर-कंडीशनर का मालिकाना हक है) ने भी एसी की कीमतों में करीब 5 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है। दूसरी तरफ पैनासोनिक ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी पर फैसला लेने से पहले वर्तमान बाजार स्थितियों का संपूर्ण मूल्यांकन कर रही है।

कॉपर और इनपुट कॉस्ट में उछाल से बढ़ी निर्माण लागत

हायर इंडिया के प्रेसिडेंट एनएस सतीश के अनुसार कॉपर की कीमतें पिछले साल के 8,000-9,000 डॉलर प्रति मीट्रिक टन से बढ़कर अब 14,500 डॉलर प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गई हैं और इनके आगे भी बढ़ते रहने की संभावना है। एक एयर-कंडीशनर के निर्माण में 3 से 4 किलो कॉपर की जरूरत होती है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि इनपुट लागत में इसी तरह उछाल जारी रहा तो दिवाली के बाद और आगामी जनवरी में एक बार फिर कीमतें बढ़ सकती हैं।

उद्योग विशेषज्ञों का दृष्टिकोण: फेस्टिव सीजन में स्टॉक का फायदा

गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के अप्लायंसेज बिजनेस प्रमुख कमल नंदी ने बताया कि कमोडिटी की कीमतों में 8 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद इंडस्ट्री में यह मूल्य वृद्धि आवश्यक हो गई थी। विभिन्न ब्रांड्स के आधार पर इसे अक्टूबर या नवंबर से लागू किया जाएगा, हालांकि डिस्ट्रीब्यूशन चैनल में पुराना स्टॉक मौजूद होने के कारण ग्राहकों के पास फेस्टिव सीजन के दौरान मौजूदा कीमतों पर सामान खरीदने का अवसर रहेगा।

वहीं ब्लू स्टार के प्रबंध निदेशक बी. त्यागराजन ने कहा कि युद्ध के चलते कॉपर, स्टील और प्लास्टिक सभी कमोडिटी महंगे हुए हैं। पिछले साल के फेस्टिव सीजन की तुलना में इस बार लागत 15 प्रतिशत बढ़ी है, लेकिन ग्राहकों को मिल रहे लगभग 10 प्रतिशत के जीएसटी लाभ के कारण खरीदारों पर कुल प्रभावी असर 5 प्रतिशत से थोड़ा ही ज्यादा होगा।