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नई दिल्ली 24 अक्टूबर 2026: रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के ₹30,213 करोड़ के IPO ने निवेशकों की भागीदारी, इश्यू के आकार और सब्सक्रिप्शन की रफ्तार के मामले में सात रिकॉर्ड बनाए हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस IPO को एक करोड़ से ज्यादा व्यक्तिगत निवेशकों के आवेदन मिले। यह दुनिया का पहला IPO बना, जिसे इतने आवेदन मिले हैं। इश्यू पहले दिन 100 मिनट से भी कम समय में पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया।
इस IPO के लिए एंकर बुक सहित कुल शेयरों की मांग ₹7.4 लाख करोड़ रही। इसमें पब्लिक सब्सक्रिप्शन कैटेगरी से ₹4.9 लाख करोड़ से ज्यादा की बोलियां मिलीं। इश्यू की एक और खास बात यह है कि इसके सभी शेयर नए जारी किए गए हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज, मेटा और गूगल ने इसमें अपनी हिस्सेदारी नहीं बेची।
Jio IPO के 7 बड़े रिकॉर्ड
1. एक करोड़ से ज्यादा आवेदन पाने वाला दुनिया का पहला IPO
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को 10 मिलियन यानी एक करोड़ से ज्यादा व्यक्तिगत निवेशकों के आवेदन मिले। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले यह रिकॉर्ड भारत की वारी एनर्जीज के नाम था, जिसे लगभग 97.3 लाख आवेदन मिले थे।
2. भारत का सबसे बड़ा IPO
₹30,213 करोड़ के इश्यू साइज के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO भारतीय कॉरपोरेट इतिहास का सबसे बड़ा इक्विटी ऑफरिंग बना। इससे पहले यह रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया के IPO के नाम था।
3. पब्लिक सब्सक्रिप्शन में सबसे ज्यादा बोली की रकम
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO के लिए एंकर बुक सहित कुल शेयरों की मांग ₹7.4 लाख करोड़ रही। पब्लिक सब्सक्रिप्शन कैटेगरी में ₹4.9 लाख करोड़ से ज्यादा की बोलियां मिलीं।
एंकर बुक के बाहर मिली बोलियों की रकम के आधार पर भी यह भारत का सबसे बड़ा IPO बना। इसने 2025 में आए एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के IPO का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
वहीं, एंकर निवेशकों को ₹8,110 करोड़ के शेयर आवंटित किए गए, जबकि इनके लिए करीब ₹2.5 लाख करोड़ की मांग आई।
4. पूरी तरह नए शेयरों वाला सबसे बड़ा IPO
जियो प्लेटफॉर्म्स का पूरा ₹30,213 करोड़ का इश्यू 27 करोड़ नए शेयरों से बना था। इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए पुराने शेयर नहीं बेचे गए।
इसका मतलब है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज, मेटा और गूगल जैसे मौजूदा निवेशकों ने इस इश्यू में अपनी हिस्सेदारी नहीं बेची। पूरा इश्यू नए शेयर जारी करके लाया गया।
5. सबसे तेजी से पूरी तरह सब्सक्राइब हुआ मेगा IPO
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO खुलने के 100 मिनट से भी कम समय में पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले ₹15,000 करोड़ से बड़े भारतीय IPO को पूरा सब्सक्रिप्शन मिलने में आमतौर पर दो से तीन दिन लगते थे।
6. बिडिंग का समय बढ़ाने वाला पहला IPO
जियो IPO में भारी संख्या में आवेदन आने के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने रोजाना बोली लगाने का समय बढ़ाया।
आमतौर पर IPO में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बोली लगाई जाती है। जियो प्लेटफॉर्म्स के इश्यू के लिए यह समय सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक रखा गया।
7. लिस्टिंग के बाद सबसे ज्यादा शुरुआती मार्केट वैल्यूएशन का अनुमान
₹1,119 प्रति शेयर के अपर प्राइस बैंड के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का अनुमानित पोस्ट-लिस्टिंग मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹10.3 लाख करोड़ बताया गया है।
इस अनुमान के मुताबिक, ट्रेडिंग के पहले दिन कंपनी भारत की चार या पांच सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल हो सकती है। यह आंकड़ा अनुमानित वैल्यूएशन है, वास्तविक बाजार पूंजीकरण लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत पर निर्भर करेगा।


