ड्रग्स, हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा, सीमाओं के बेहद करीब पहुंची जांच एजेंसी

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नई दिल्ली 08 जून 2026:  म्यांमार और बांग्लादेश सीमा से जुड़े एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स एवं मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा प्रहार किया है। एजेंसी ने 142 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन और सीमा पार संचालित ड्रग्स सिंडिकेट की जांच के तहत मिजोरम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है।

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बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन को शेल कंपनियों और बैंक खातों के जरिए विदेशों तक पहुंचाने के आरोपों से जुड़ी है। मामले की जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य एजेंसियों के हाथ लगे हैं।

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49 किलो मेथामफेटामाइन और हेरोइन की बरामदगी से खुला राज

ईडी के अनुसार इस पूरे नेटवर्क की परतें उस समय खुलनी शुरू हुईं, जब 21 अगस्त 2025 को मिजोरम में एक वाहन की तलाशी के दौरान 49.101 किलोग्राम मेथामफेटामाइन टैबलेट्स और 40 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। उस कार्रवाई में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

शुरुआती जांच में मामला सामान्य तस्करी का प्रतीत हो रहा था, लेकिन बाद में सामने आए वित्तीय लेनदेन और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों ने जांच एजेंसियों को चौंका दिया।

जांच में सामने आया अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट

ईडी की गहन जांच में पता चला कि यह नेटवर्क सीमापार संचालित एक संगठित अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का हिस्सा था। जांच एजेंसी के मुताबिक मादक पदार्थों की खेप म्यांमार स्थित सप्लायरों से मिजोरम के चाम्फाई-जोखावथार सेक्टर के रास्ते भारत लाई जाती थी।

इसके बाद इन प्रतिबंधित पदार्थों को त्रिपुरा के जरिए देश के विभिन्न राज्यों तक पहुंचाया जाता था। एजेंसी को संदेह है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध कमाई को अलग-अलग बैंक खातों और शेल कंपनियों के माध्यम से खपाया गया।

सीमा से कुछ सौ मीटर दूर पहुंची ED

जांच को आगे बढ़ाते हुए ईडी की टीम ने उन इलाकों में भी तलाशी अभियान चलाया जो अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के बेहद करीब स्थित हैं। सूत्रों के मुताबिक जिन स्थानों पर छापेमारी की गई, उनमें त्रिपुरा का एक ठिकाना बांग्लादेश सीमा से महज 200 मीटर दूर था, जबकि मिजोरम का एक स्थान म्यांमार सीमा से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित है।

सीमा के इतने करीब की गई कार्रवाई ने इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय विस्तार और उसके संचालन के तरीके को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की भी जांच

ईडी अब इस बात की भी जांच कर रही है कि ड्रग्स कारोबार से अर्जित धन को किन माध्यमों से देश और विदेश में भेजा गया। एजेंसी को संदेह है कि कई शेल कंपनियों और संदिग्ध बैंक खातों का इस्तेमाल कर अवैध रकम को वैध दिखाने की कोशिश की गई।

मामले में आगे और गिरफ्तारियां तथा नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े देश-विदेश के अन्य लोगों और वित्तीय कड़ियों को खंगाल रही हैं।