स्वतंत्र बोल
धरसीवां/रायपुर 7 जून 2026। नाबालिग से कथित सामूहलिक दुष्कर्म के मामले में उठे राजनीतिक विवाद और लगातार बढ़ते दबाव के बीच पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले की जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में सिलयारी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक जितेंद्र दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा द्वारा की गई।
जारी आदेश के अनुसार, चौकी सिलयारी थाना धरसीवां में दर्ज अपराध की विवेचना में घोर लापरवाही पाए जाने पर चौकी प्रभारी जितेंद्र दुबे को निलंबित कर पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर (ग्रामीण) से संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही मामले की प्रारंभिक जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
भाजपा और कांग्रेस दोनों ने उठाया था मुद्दा
नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों को लेकर पिछले कई दिनों से राजनीतिक माहौल गर्म था। भाजपा नेताओं ने मामले को प्रमुखता से उठाते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचकर भी कार्रवाई की मांग रखी थी।
वहीं कांग्रेस ने भी इस मामले को लेकर धरसीवां और आसपास के क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की थी।
कांग्रेस ने दिया था अल्टीमेटम
कांग्रेस नेताओं ने आरोपियों की गिरफ्तारी, पॉक्सो एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई और सिलयारी चौकी प्रभारी के निलंबन की मांग करते हुए पुलिस को 12 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। मांगें पूरी नहीं होने पर 9 जून को चक्काजाम और उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई थी।
चौकी प्रभारी के निलंबन के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। हालांकि पीड़िता को न्याय दिलाने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर राजनीतिक दलों और स्थानीय लोगों का दबाव अभी भी बना हुआ है। अब सभी की नजर पुलिस की आगे की जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी है।



