आरंग नगर पालिका में बस स्टैंड मुद्दे पर बवाल, भाजपा पार्षदों ने भी अध्यक्ष के खिलाफ खोला मोर्चा

Councillors protest during Arang Municipal Council meeting over the delayed bus stand construction project, raising questions over administration and project execution.

  स्वतंत्र बोल

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 आरंग 5 जून 2026। आरंग नगर पालिका परिषद की सामान्य बैठक शुक्रवार को हंगामेदार रही। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित बैठक में बस स्टैंड निर्माण का मुद्दा छाया रहा। भाजपा, कांग्रेस और शिवसेना के पार्षदों ने एकजुट होकर नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया।

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बैठक के दौरान पार्षदों ने बस स्टैंड निर्माण कार्य को एजेंडे में शामिल करने की मांग को लेकर जोरदार विरोध जताया। स्थिति ऐसी बनी कि अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन को अपनी ही पार्टी के पार्षदों के विरोध का सामना करना पड़ा। भाजपा पार्षदों ने भी जनहित के मुद्दे पर विपक्ष का साथ देते हुए अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की।

6.69 करोड़ के प्रोजेक्ट पर दो साल से विवाद

हंगामे की मुख्य वजह आरंग बस स्टैंड का 6.69 करोड़ रुपये का कायाकल्प प्रोजेक्ट है। सत्ता परिवर्तन के बाद बस स्टैंड को बैहार क्षेत्र में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया था, जिसका कांग्रेस ने शुरू से विरोध किया। जिस भूमि पर नया बस स्टैंड प्रस्तावित है, वह राजस्व रिकॉर्ड में शामिलात चारागाह भूमि दर्ज है। नियमों के अनुसार भूमि का मद परिवर्तन हुए बिना वहां निर्माण कार्य संभव नहीं है।

इसी विवाद के चलते पिछले दो वर्षों से परियोजना अधर में लटकी हुई है और स्थानीय नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में कई पार्षदों ने बस स्टैंड को वर्तमान स्थान पर ही विकसित करने की मांग दोहराई।

कांग्रेस ने दिया 10 दिन का अल्टीमेटम

नेता प्रतिपक्ष शरद गुप्ता ने नगर पालिका प्रशासन और अध्यक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगले 10 दिनों के भीतर बस स्टैंड निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना काम शुरू हुए भुगतान किए जाने की शिकायतें गंभीर जांच का विषय हैं।

भाजपा में अंदरूनी कलह आई सामने

बैठक के दौरान भाजपा पार्षदों का अध्यक्ष के खिलाफ खुलकर खड़ा होना पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी का संकेत माना जा रहा है। अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन लगातार पार्षदों को शांत कराने का प्रयास करते रहे, लेकिन विरोध थमता नजर नहीं आया।

आरंग का बस स्टैंड शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण यातायात केंद्र है। ऐसे में राजनीतिक और प्रशासनिक खींचतान के कारण परियोजना का लंबित रहना आम लोगों की चिंता बढ़ा रहा है।