स्वतंत्र बोल
रायपुर/दिल्ली 31 मई 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 134वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए खेल, शिक्षा, संस्कृति और स्थानीय उत्पादों से जुड़ी कई प्रेरणादायक कहानियां साझा कीं। इस दौरान उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना की, युवा प्रतिभाओं का उत्साह बढ़ाया और जम्मू-कश्मीर के पारंपरिक उत्पाद ‘कलारी चीज’ की अंतरराष्ट्रीय पहचान का भी विशेष उल्लेख किया।
रिकॉर्ड तोड़ रहे भारतीय खिलाड़ी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय एथलीट लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में 100 मीटर दौड़ में बने नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के युवा खिलाड़ी वैश्विक स्तर पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
‘कलारी चीज’ को मिली वैश्विक पहचान
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के उधमपुर की पारंपरिक और प्रसिद्ध ‘कलारी चीज’ का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ एक खाद्य उत्पाद नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। कुछ समय पहले ब्राजील में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय चीज प्रतियोगिता में मिली सफलता के बाद इस उत्पाद को वैश्विक पहचान मिली है।
प्रधानमंत्री के विशेष उल्लेख के बाद ‘कलारी चीज’ की मांग और बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। स्थानीय स्तर पर इसे कश्मीर का मोजेरेला भी कहा जाता है और यह क्षेत्र की पहचान बन चुका है।
गणित में भारत का परचम लहराने वाली छात्रा की भी सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने केरल के तिरुवनंतपुरम की छात्रा संजना फिलो चाको की उपलब्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि संजना ने फ्रांस के बोर्डो में आयोजित ‘यूरोपियन गर्ल्स मैथमेटिकल ओलंपियाड-2026’ में रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है।
संजना भारतीय टीम की उन चार प्रतिभाशाली छात्राओं में शामिल थीं, जिनका चयन कठिन और बहुस्तरीय राष्ट्रीय चयन प्रक्रिया के बाद किया गया था। गणित के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रधानमंत्री ने खुलकर प्रशंसा की।
युवाओं को दिया प्रेरणा का संदेश
‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने एक बार फिर यह संदेश देने का प्रयास किया कि देश के युवा खेल, शिक्षा, विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। उन्होंने स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक विरासत और युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री का यह संबोधन देश के युवाओं के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का संदेश लेकर आया, जिसमें मेहनत, प्रतिभा और भारतीय संस्कृति की ताकत को प्रमुखता से सामने रखा गया।


