रायपुर। मंत्रालय महानदी भवन में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट बैठक के बाद प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। बैठक खत्म होते ही उप मुख्यमंत्री Arun Sao मीडिया के सामने आए और कैबिनेट में लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए अरुण साव ने बताया कि मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा के बाद निर्णय लिए गए। सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने, सड़क निर्माण कार्यों की गति बनाए रखने और विभागीय प्रक्रियाओं को तकनीकी रूप से मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के विभिन्न विभागों और निगमों में जमा अनुपयोगी स्क्रैप सामग्री के निस्तारण के लिए केंद्र सरकार के उपक्रम MSTC के साथ अनुबंध अवधि बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इससे ई-नीलामी के जरिए पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकार को बेहतर राजस्व मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन लाने के फैसले को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। सरकार का मानना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया में बेहतर समन्वय और प्रशासनिक सुधार देखने को मिलेंगे।
पत्रकार वार्ता में सड़क निर्माण कार्यों को लेकर भी बड़ा अपडेट दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि डामर यानी बिटुमिन की कीमतों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने ठेकेदारों को सीमित राहत देने का निर्णय लिया है, ताकि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य प्रभावित न हों।
कैबिनेट बैठक के बाद हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को सरकार की आगामी विकास रणनीति और प्रशासनिक प्राथमिकताओं से जोड़कर देखा जा रहा है।


