स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली ,25 मई 2026:जहां आज के दौर में ज्यादातर युवा सरकारी नौकरी और शहरों की चमक-दमक के पीछे भाग रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के एक ITI पास युवक ने ऐसा फैसला लिया जिसने सबको चौंका दिया। नौकरी की लाइन में लगने के बजाय उसने खेत को ही अपना भविष्य बना लिया और महज 23 दिनों में डेढ़ लाख रुपये की कमाई कर डाली।
इस युवा किसान ने पारंपरिक खेती से हटकर ऑर्गेनिक फार्मिंग का रास्ता चुना। शुरुआत में लोगों ने उसके फैसले पर सवाल उठाए, लेकिन जब खेत से कमाई का आंकड़ा सामने आया तो हर कोई हैरान रह गया। युवक ने अपने खेत में हाइब्रिड और एडवांस वैरायटी के खीरे की जैविक खेती शुरू की।
सबसे खास बात यह रही कि उसने रासायनिक खाद और केमिकल का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया। खेत में सिर्फ गोबर की खाद और जैविक उर्वरकों का उपयोग किया गया, जिससे खीरे की क्वालिटी और स्वाद दोनों शानदार हो गए। देखते ही देखते बाजार में उसके ऑर्गेनिक खीरों की डिमांड बढ़ने लगी।
बताया जा रहा है कि पहली ही कमर्शियल फसल की बिक्री से युवक ने सिर्फ 23 दिनों के भीतर करीब 1.5 लाख रुपये का मुनाफा कमा लिया। उसने अपनी उपज सीधे मंडियों और लोकल विक्रेताओं तक पहुंचाई, जिससे बिचौलियों का खेल खत्म हो गया और उसे फसल का सही दाम मिला।
युवा किसान ने खेती में मल्चिंग फिल्म और ड्रिप इरिगेशन जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया। इससे पानी की बचत हुई और लागत भी काफी कम हो गई। ऑर्गेनिक होने की वजह से उसके खीरे की चमक और स्वाद आम फसलों से अलग था, जिसने ग्राहकों को तेजी से आकर्षित किया।
आज यह ITI पास युवक अपने इलाके में नई मिसाल बन चुका है। जो लोग खेती को घाटे का सौदा मानते थे, अब वही उसकी सफलता की चर्चा कर रहे हैं। युवक का कहना है कि अगर सही तकनीक और समझदारी के साथ खेती की जाए तो खेत भी करोड़ों का बिजनेस बन सकता है।
उसकी सफलता अब दूसरे युवाओं को भी प्रेरित कर रही है कि नौकरी के पीछे भागने के बजाय खुद का एग्री-बिजनेस खड़ा कर आत्मनिर्भर बना जा सकता है।


