स्वतंत्र बोल
रायपुर, 16 मई 2026: पेंड्रा-गौरेला-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत उषाड़ में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर उस समय भावुक माहौल में बदल गया, जब वर्षों से परेशान दिव्यांगजनों को अचानक सहायक उपकरण सौंपे गए। किसी के चेहरे पर मुस्कान लौट आई तो किसी की आंखें खुशी से भर आईं। सुशासन तिहार के तहत आयोजित यह शिविर अब इलाके में नई उम्मीद की मिसाल बन गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार की संवेदनशील पहल के तहत समाज कल्याण विभाग द्वारा छह दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के मुताबिक सहायक उपकरण वितरित किए गए। इनमें व्हील चेयर, श्रवण यंत्र और छड़ी शामिल हैं। लंबे समय से रोजमर्रा की परेशानियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह मदद किसी बड़ी राहत से कम नहीं रही।
ग्राम पंचायत कटरा निवासी 80 प्रतिशत अस्थि बाधित स्वरूप सिंह पोर्ते को व्हील चेयर दी गई। व्हील चेयर मिलते ही उनका चेहरा खुशी से खिल उठा। उन्होंने कहा कि अब उन्हें आने-जाने और दैनिक कार्यों में पहले जैसी परेशानी नहीं होगी। स्वरूप सिंह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह सहायता उनके जीवन को काफी आसान बना देगी।
वहीं ग्राम उषाड़ की मंगली बाई और बेलझिरिया निवासी अकलू राम को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। लंबे समय से सुनने में दिक्कत के कारण दोनों सामाजिक गतिविधियों और सामान्य बातचीत से दूर हो गए थे। श्रवण यंत्र मिलने के बाद उनके परिजनों के चेहरे पर भी राहत साफ नजर आई।
इसके अलावा उषाड़ की बैसाखिया बाई तथा बेलझिरिया के श्याम सुंदर और श्रीराम को सहारे के लिए छड़ी प्रदान की गई। ग्रामीणों ने कहा कि अब उन्हें चलने-फिरने में काफी सहूलियत मिलेगी।
ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार शासन की योजनाओं का लाभ इतनी सहजता और पारदर्शिता के साथ गांव स्तर पर मिल रहा है। लोगों ने कहा कि सुशासन तिहार अब सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में बदलाव लाने वाला अभियान बन चुका है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप अब गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचे।


