स्वतंत्र बोल
रायगढ़, 16 मई 2026: छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के सबसे बड़े नेटवर्क में से एक का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। रायगढ़ पुलिस ने गोवा में दबिश देकर ऐसे हाईटेक सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो रायगढ़, रायपुर, सक्ती और खरसिया से लेकर गोवा तक फैला हुआ था। पुलिस की रेड पड़ते ही आरोपी सबूत मिटाने में जुट गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
एसएसपी Shashi Mohan Singh के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में 6 सट्टा संचालकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मौके से 10 मोबाइल फोन जब्त किए हैं और अब पूरे नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं।
पुलिस के मुताबिक कोतवाली थाना रायगढ़ में दर्ज अपराध क्रमांक 217/2026 और 218/2026 की जांच के दौरान पहले करन चौधरी उर्फ करन अग्रवाल, पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल की गिरफ्तारी हुई थी। पूछताछ में हवाला नेटवर्क और खरसिया निवासी अमित मित्तल से जुड़े बड़े इनपुट मिले, जिसके बाद साइबर थाना और कोतवाली पुलिस ने तकनीकी निगरानी शुरू की।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी रायगढ़, रायपुर, सक्ती और खरसिया से जुड़े नेटवर्क के जरिए हैदराबाद और मुंबई होते हुए गोवा में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा ऑपरेट कर रहे थे। इसके बाद सीएसपी मयंक मिश्रा और डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गोवा पहुंची और कैंडोलिम बीच इलाके के एक किराए के विला में छापा मारा।
रेड के दौरान अमित मित्तल, मोहित सोमानी, प्रकाश वाधवानी, आकाश मोटवानी, राहुल खंडेलवाल और सुलभ खंडेलवाल को सट्टा संचालित करते पकड़ा गया। पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी कॉलिंग फोन, लैपटॉप और हिसाब-किताब से जुड़े दस्तावेज नष्ट करने की कोशिश करने लगे। कुछ आरोपी फरार होने की तैयारी में भी थे।
जांच में सामने आया कि यह गिरोह आईपीएल मैचों में तीन अलग-अलग तरीकों से सट्टा चलाता था। सबसे पहले रायपुर से क्रिकेट सेशन का भाव लिया जाता था, जिसे APK आधारित Zoom ऐप के जरिए नीचे जुड़े प्लेयर्स तक पहुंचाया जाता था। इसके अलावा “प्रगति टीवी ऐप” और “स्टार लाइव” जैसे ऐप्स का इस्तेमाल कर मैच लगभग 7 सेकंड पहले देखा जाता था, ताकि सटोरियों को एडवांटेज मिल सके।
इतना ही नहीं, महादेव सट्टा की तर्ज पर All Panel Exchange, Taj 777 और Diamond Exchange जैसे बेटिंग ऐप के जरिए ऑनलाइन जुआ भी संचालित किया जा रहा था। पुलिस को शुरुआती जांच में करोड़ों रुपए के लेनदेन के संकेत मिले हैं।
पूछताछ में हवाला नेटवर्क का भी बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपियों के मोबाइल से नोटों के सीरियल नंबर शेयर कर रकम ट्रांसफर करने के सबूत मिले हैं। इससे पहले पुलिस एक करोड़ रुपए से ज्यादा नकदी भी जब्त कर चुकी है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दुबई से बेटिंग आईडी महानगरों में बैठे खाईवालों तक पहुंचती थी, जिसके बाद इन्हें रायपुर, नागपुर और मध्य भारत के दूसरे शहरों में कमीशन पर बांटा जाता था।
रायगढ़ पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन सट्टा और हवाला नेटवर्क से जुड़े किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।


