12 हजार की रिश्वत ने पहुंचाया सलाखों के पीछे! बाबू को कोर्ट ने सुनाई 3 साल की सजा, एसीबी ट्रैप में हुआ था गिरफ्तार

स्वतंत्र बोल
बलरामपुर-रामानुजगंज, 16 मई 2026: बलरामपुर-रामानुजगंज सरकारी दफ्तर में रिश्वत लेकर काम करवाने वाले बाबू को आखिरकार उसकी करतूत की बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। बलरामपुर जिले में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए बाबू को कोर्ट ने तीन साल की कठोर सजा सुनाई है। फैसले के बाद सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।

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मामला वाड्रफनगर विकासखंड शिक्षा कार्यालय से जुड़ा है, जहां पदस्थ सहायक ग्रेड-02 कर्मचारी गौतम सिंह आयम को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

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एरियर भुगतान के बदले मांगी थी रिश्वत

जानकारी के मुताबिक प्रार्थी नितेश रंजन पटेल, जो पूर्व माध्यमिक शाला ढढ़िया में भृत्य के पद पर कार्यरत हैं, ने 3 अगस्त 2024 को एसीबी कार्यालय अंबिकापुर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 से 2017 तक का करीब 92 हजार रुपये एरियर लंबित था, जिसका भुगतान नहीं हो रहा था।

जब वे अपने भुगतान के लिए शिक्षा विभाग कार्यालय पहुंचे तो वहां पदस्थ बाबू गौतम सिंह आयम ने सेवा पुस्तिका वेरिफिकेशन और बिल प्रक्रिया पूरी कराने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर डाली।

“सब 12-12 हजार दे रहे हैं…” कहकर मांगे पैसे

शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी बाबू ने कथित तौर पर कहा था कि “सब लोग 12-12 हजार रुपये दे रहे हैं, तुम्हें भी देना पड़ेगा, तभी काम होगा।” शिकायत सही पाए जाने के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई।

13 अगस्त 2024 को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय वाड्रफनगर में कार्रवाई करते हुए एसीबी टीम ने गौतम सिंह आयम को 12 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया।

कोर्ट ने सुनाई कठोर सजा

जांच पूरी होने के बाद 8 अक्टूबर 2024 को आरोपी के खिलाफ विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, बलरामपुर में चालान पेश किया गया। मामले की सुनवाई के बाद 15 मई 2026 को अदालत ने आरोपी गौतम सिंह आयम को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।