अचानक फैली कमी की चर्चा, सरकार का बड़ा खुलासा, क्या सच में खत्म हो रहा था पेट्रोल-डीजल


स्वतंत्र बोल 
रायपुर 25 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैल रही चर्चाओं के बीच राज्य सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बड़ा बयान दिया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने साफ किया है कि प्रदेश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।

सरकार ने बताया कि पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के बावजूद राज्य लगातार केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संपर्क में है, ताकि ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और इसकी नियमित समीक्षा भी की जा रही है।

प्रदेश में संचालित 2516 पेट्रोल पंपों और प्रमुख ऑयल कंपनियों के डिपो में पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है। आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2026 में पेट्रोल की मांग 1.01 लाख किलोलीटर थी, जबकि 1.27 लाख किलोलीटर यानी 126 प्रतिशत आपूर्ति की गई। अप्रैल 2026 में 23 अप्रैल तक 1.60 लाख किलोलीटर पेट्रोल की आपूर्ति हो चुकी है।

डीजल के मामले में भी स्थिति मजबूत बताई गई है। मार्च में 1.64 लाख किलोलीटर की जरूरत के मुकाबले 3.00 लाख किलोलीटर यानी 183 प्रतिशत आपूर्ति हुई, जबकि अप्रैल में 23 तारीख तक 1.38 लाख किलोलीटर डीजल उपलब्ध कराया जा चुका है।

वर्तमान में प्रदेश में करीब 77,111 किलोलीटर पेट्रोल उपलब्ध है, जो लगभग 22 दिनों की जरूरत के बराबर है। वहीं 84,295 किलोलीटर डीजल मौजूद है, जो करीब 15 दिनों की खपत के लिए पर्याप्त माना जा रहा है।

सरकार ने यह भी कहा कि कुछ औद्योगिक उपभोक्ताओं द्वारा रिटेल आउटलेट से डीजल खरीदे जाने के कारण अस्थायी दबाव की स्थिति बनती है, लेकिन कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि मांग के अनुसार आपूर्ति बनाए रखें।

इसके साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए राज्यभर में लगातार निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। शिकायतों के समाधान के लिए कॉल सेंटर भी सक्रिय किया गया है।

सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में अनावश्यक खरीदारी से बचें, क्योंकि फिलहाल प्रदेश में ईंधन की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है।