स्वतंत्र बोल
रायपुर 16 अप्रैल 2026. बेरोजगारों को नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वाली महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी ने दुर्ग में पदस्थ रहते अनेक लोगो को ठगा है। दुर्ग के श्वेता जांगिड़ से दस लाख रुपये की ठगी करने वाली परियोजना अधिकारी ने अनुरागिनी तिवारी, ज्योति ढीमर और दिनेश साहू नामक लोगो से भी लाखो रुपये की ठगी की है। अनुरागीनी तिवारी की शिकायत पर दुर्ग पुलिस कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 494/2025 बीएनएस की धारा 318(4) अंतर्गत अपराध कायम किया है।
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अनुरागिनी तिवारी द्वारा लिखाये गए एफआईआर अनुसार उसने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए निकले वेकैंसी की जानकारी लेने महिला बाल विकास के कार्यालय गई थी जहा परियपोजना अधिकारी रचिता नायडू ने उसकी योग्यता को देखते हुए नगर निगम में किसी अच्छे पोस्ट में नौकरी लगाने का आश्वासन दिया, उसके बदले में 3 लाख रुपयों की डिमांड की। अनुरागिनी ने पैसे देने से इंकार किया तो रचिता ने उसे फ़ोन कर समझाने बुझाने और बहलाने लगी। रचिता ने अनुरागिनी को उसके भाई शुक्ला के साथ भिलाई के ग्रैंड ढिल्लन होटल के पास मिलने बुलाया और समझाई की नगर निगम में अच्छा पद निकला है, मेरा अभनपुर ट्रांसफ़र हो गया पर अधिकारियो से मेरे अच्छा संपर्क है तुम्हारी नौकरी लगवा दूंगी और कुछ पैसो की मांग की। ऐसे में शिकायतकर्ता ने 14999 रुपये और 20000 रुपये रचिता को ऑनलाइन ट्रांसफर किया।19 जनवरी 2025 को दोबारा भिलाई के ग्रैंड ढिल्लन होटल बुलाकर 300000 रूप[ायो की मांग की और एक सप्ताह के भीतर जॉइनिंग लेटर मिलने का आश्वसन दी और पैसे लेकर चली गई। उसके बाद महीनो बीतने के बाद भी जॉइनिंग लेटर नहीं मिलने पर अनुरागिनी ने रचिता को फ़ोन मिलाया तो उसने उसका फ़ोन उठाना ही बंद कर दिया तब उसे ठगी का अहसास हुआ।”
बर्तन मांजने वाली से 20000 लिए-
दुर्ग में परियोजना अधिकारी रहते रचिता नायडू ने नौकरी लगाने के नाम पर जमकर ठगी की। श्वेता जांगिड़ अनुरागी तिवारी के आलावा ज्योति ढीमर नामक महिला से 20000 रुपयों की ठगी की। ज्योति घरो में बर्तन साफ़ कर अपने बच्चो का पालन पोषण करती है, उसे आंगनबाड़ी सहायिका बनाने के नाम पर बीस हजार रुपयों की ठगी की। इसके आलावा धमतरी के किसी राकेश साहू से भी पैसे लेने जानकारी एफआईआर में उल्लेखित है। रचिता का ट्रांसफर दुर्ग जिले से रायपुर के अभनपुर परियोजना में हुआ था, उसके बाद भी वह दुर्ग भिलाई के लोगो को नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करती रही, उनसे भिलाई दुर्ग के होटलो में जाकर मिलकर पैसे लेती रही और बाद में सब का फ़ोन रिसीव करना बंद कर दिया था।
बेरोजगारों को ठगने वाली रचिता नायडू पर महिला बाल विकास विभाग ने अब कोई कार्यवाही नहीं की है। बताते है की रचिता के बचाव में कुछ सीनियर अफसर सामने आये है। पीड़ितों के अनुसार रायपुर में पदस्थ रहे एक थानेदार ने फ़ोन कर धमकाया था, कि पैसा मांगने फ़ोन करने और रचिता के घर जाने पर उन्हें जेल भेज देगा।
