स्वतंत्र बोल
मनेंद्रगढ़, 08 अप्रैल 2026। शिक्षा के मंदिर में उस वक्त हैरान कर देने वाला नजारा सामने आया, जब बच्चों को पढ़ाने वाले ही नशे में चूर पाए गए। एमसीबी जिले के मनेंद्रगढ़ विकासखंड स्थित प्राथमिक शाला बाला में पदस्थ प्रधानपाठक पारस राम वर्मा और सहायक शिक्षक मेहीलाल सिंह पर प्रशासन की बड़ी गाज गिरी है। दोनों को शराब के नशे में स्कूल पहुंचने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देश पर सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूल का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान जो सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया। दोनों शिक्षक ड्यूटी के समय ही शराब के नशे में पाए गए। मौके पर ही पंचनामा तैयार किया गया और दोनों के बयान दर्ज किए गए, जिसमें उन्होंने शराब सेवन की बात स्वीकार कर ली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों को तुरंत सिविल अस्पताल मनेंद्रगढ़ ले जाया गया, जहां मेडिकल जांच में भी शराब पीने की पुष्टि हो गई। इसके बाद पूरी रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय को सौंपी गई, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया।
कलेक्टर ने इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 और 23 का उल्लंघन माना है। साथ ही छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए सस्पेंशन आदेश जारी किया गया। निलंबन अवधि के दौरान दोनों का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर तय किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
इस घटना के बाद प्रशासन ने सख्त संदेश दिया है कि सरकारी सेवा में इस तरह की लापरवाही और अनुशासनहीनता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है—जिन हाथों में बच्चों का भविष्य सुरक्षित होना चाहिए, अगर वही नशे में डगमगाने लगें, तो आने वाली पीढ़ी का क्या होगा?
