Rachita naidu scam महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी पर ठगी का आरोप, 5 महीने से जांच सिर्फ कागजों में..

स्वतंत्र बोल
रायपुर/दुर्ग 17 मार्च 2026.  महिला बाल विकास की परियोजना अधिकारी, जिसने नौकरी लगाने के नाम पर बेरोजगारों से लाखो रुपये की ठगी की। परियोजना अधिकारी रचिता नायडू ने दुर्ग में परियोजना अधिकारी के रूप में पोस्टेड रहते हुए हुए स्थानीय लोगो से ठगी की। नायडू साल 2025 में दुर्ग में पोस्टेड रहते आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता और परियोजना अधिकारी बनाने के नाम पर एक परिवार से 12 लाख रुपये से अधिक की ठगी की। मामला साल 2024 से 2025 के बीच का है, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दुर्ग के वार्ड 03 के निवासी शीतल जांगिड़ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता बनने आवेदन किया, और उसकी बेटी श्वेता जांगिड़ को परियोजना अधिकारी बनाने दो किश्तों में 10 लाख रुपये रचिता ने लिया। दोनों को रचिता ने अपनी ऊंची पहुंच और विभागीय अधिकारियो के साथ सांठगांठ का हवाल देकर आश्वश्त किया था। श्वेता ने शादी के लिए ख़रीदे गहनों को गिरवी रखकर दो किश्तों में दस लाख रुपये रचिता को उसके घर में दिया था।

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रचिता नायडू (फोटो- सोशल मीडिया)

लंबी प्लानिंग-
श्वेता की शिकायत पर कोतवाली दुर्ग ने बीएनएस की धारा 318(4 ) के अंतर्गत अक्टूबर 2025 में अपराध दर्ज किया था। रिपोर्ट अनुसार रचिता ने दोनों माँ बेटी को पहले भरोसे में लिया, और जब उसे भरोसा हो गया तो पैसे लेकर ठगना शुरू कर दिया। शुरुआत में दस लाख रुपये लेने के बाद उससे 06 लाख रुपयों की और मांग की, जब माँ बेटी ने पैसा देने में असमर्थता जताया। दोनों का सलेक्शन नहीं हुआ, तो उन्होंने पैसेवापस मांगे और मामला यही बिगड़ गया। पैसे मांगने पर रचिता श्वेता को धमकाने लगी और फ़ोन नंबर ब्लॉक कर दी।

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2020 में बनी परियोजना अधिकारी-
रचिता नायडू का सरकारी सेवा में साल 2020 में आई, पहली पोस्टिंग दुर्ग में मिली। रचिता ने नौकरी लगाने के नाम पर ठगी की वह परिवीक्षा अवधी में थी,,बाद में उसका ट्रांसफर रायपुर कर दिया गया। ठगी की एफआईआर दर्ज होने पर महिला बाल विकास विभाग ने जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्ग से जाँच रिपोर्ट मांगा है। चार महीने पहले संचालनालय से मांगे गए जाँच रिपोर्ट पर डीपीओ दुर्ग जाँच पूरा नहीं कर पाए है, दुर्ग के डीडब्ल्यूसीडीओ और जाँच अधिकारी अजय साहू ने स्वतंत्र बोल से कहा कि इस महीने के अंत तक जाँच पूरी हो जायेगी।